Friday, July 11, 2014

आफत की पुड़िया ...

मुफलिसी सा तम्बू है, और बादशाही ठाठ हैं
कर्ज औ मौज, दोनों … दोनों साथ साथ हैं ?
अब तक, किसी ने हमें गुरु नहीं पुकारा है 'उदय'
देखते हैं, अभी… शाम-रात तक का वक्त है ??

कभी कुछ - कभी कुछ
वो, बड़ी आफत की पुड़िया है 'उदय' ?
...
किस ओर है नजर, किस ओर हैं ख़्वाब
तनिक अहसास करो, कोई साथ साथ है ?

ये और बात है, किसी की उधारी चुकता नहीं की हमने
पर, ले के भागने की, …… फितरत नहीं है हमारी ??
...

Sunday, July 6, 2014

आस ...

रौंपे जा रहे हैं पौधे
खेतों में, छोटी-छोटी बाड़ियों में
इस उम्मीद से
कि -
बादल बरसेंगे, जरूर बरसेंगे,

क्यों ? क्योंकि -
उनकी …
यही तो, एक उम्मीद है, आस है,

गर, नहीं बरसे, तो …
उनके घरों में …
चूल्हों में …
सूखा … अकाल … तय है ???

Saturday, July 5, 2014

अच्छे दिन ...

हमने तो सिर्फ
अपने लोगों से अच्छे दिन आने की बात कही थी 'उदय'
गर, कुछ मूर्खों औ धूर्तों ने भी
गलतफहमी पाल ली, तो इसमें हमारा क्या कुसूर ???

हम जानते हैं 'उदय', कि वो झूठ के पुलिंदे हैं
फिर भी, वो………………हमारे शहंशाह हैं ?

दर्द और दवा, दोनों ही दुकानें अपनी हैं
बस, कुछ इस तरह …
चित्त भी अपनी है औ पट्ट भी अपनी ?

Monday, June 30, 2014

सितम ...

क्यूँ मियाँ, क्यूँ तुम … आज इतने ठप्प बैठे हो
हमने तो सुना था गप्प से तुम बाज नहीं आते ?

सच ! तेरे इस नूर पे, सिर्फ हक़ हमारा है कहाँ
जिसे देखो उसी की नजरें तुझपे जाके हैं टिकीं ?

खुद से खुद की शिकायत
इतना सितम क्यूँ यारा ?
अब तुम जुदा होके भी खफा हो यारा
भला अब इसमें गल्ती कहाँ है मेरी ?
कैसे किस्से, औ कैसी कहानी 'उदय'
चोरों की बस्ती है, चोरों का राज है ?

Wednesday, June 18, 2014

आशिक़ी ...

सन्न है, सन्नाटा है
चँहू ओर भन्नाटा है ?

रोज ……… वही अफ़साने, वही तराने
बस, समझ लो, मुहब्बत है हमें उनसे ?
तेरी आशिक़ी की सौं,
ज़िंदा रहेंगे हम, मिलते रहेंगे हम ?