Sunday, November 6, 2011

अमिताभ बच्चन को कोई कुछ नहीं कहता ...

अमिताभ बच्चन जैसी शख्सियत
जब कंप्यूटर को -
"कंप्यूटर जी" कह के बुलाते हैं
तब कोई बात नहीं होती
और, उन्हें कोई कुछ नहीं कहता !

शैलेश लोढ़ा जैसे कवि
जब टेलीफोन को -
"टेलीफोन भईय्या" कह के
सम्बोदन करते हैं
तब भी कोई बात नहीं होती !

उफ़ ! आज हमारी ही सामत आई थी
जो फेसबुक को -
"फेसबुक यार" कहते हुए -
जुबां फिसल गई
बीबी ने -
सारा मोहल्ला सिर पे उठा लिया है !

अब कैसे समझाएं हम 'उदय'
कि -
फेसबुक से -
हमारा सिर्फ याराना है
कोई मुहब्बत का तराना नहीं है !

"जी" और "भईय्या" जैसी भी
कोई बात नहीं है
बस घड़ी दो घड़ी को बैठ जाते हैं
कभी उसकी सुन लेते हैं -
तो कभी अपनी कह देते हैं !
सच ! "फेसबुक" से हमारा -
इससे जियादा कोई अफसाना नहीं है !!

4 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

बात में तो आपकी दम है।

Amrita Tanmay said...

बढ़िया .. चलिए याराना तो है न.

वन्दना said...

क्या बात कही है।

Human said...

अच्छी प्रस्तुति,सुन्दर रचना !

मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है कृपया अपने महत्त्वपूर्ण विचारों से अवगत कराएँ ।
http://poetry-kavita.blogspot.com/2011/11/blog-post_06.html