Saturday, June 19, 2010

"भाऊ का इंटरनेशनल सर्कस"

चलिये आज चर्चा करते हैं इंटरनेट जगत के विश्व प्रसिद्ध सर्कसकार "भाऊ" .... भाऊ एक ऎसा नाम जिसे इंटरनेट की दुनिया के बच्चे बच्चे , महिला-पुरुष सभी जानते हैं ... उनकी कहानियां मुंहजुबानी कुछ महानुभाव व महापुरुष टाईप के बुद्धिजीवियों के पास सुनने मिल जायेंगी ...

... भाऊ का सर्कस ... एक हंसीला-जोशीला सर्कस है जो जबरदस्त कामेडी है ... इस सर्कस के मुख्य किरदार ... सल्पना मैडम, सर्मीला मैडम, भालित बाबू, बगैरह ... और स्वंय जोशीले-हटीले भाऊ ... इस सर्कस पर अक्सर बर्फ़ के गोले, गुपचुप के ढेले, अंगूर के रस, अस्पताली कारनामें, भंग के गोले, जंतर-मंतर के अजब-गजब कारनामें पेश किये जाते हैं ये कारनामें भी गोल्डन होते हैं यहां से करोडों रुपये जीते जा सकते हैं क्योंकि यहां सब गोल्डन ही गोल्डन है ...

... इस सर्कस का मुख्य आकर्षक आईटम है ... चुटकुलों का जंतर-मंतर ... जी हां ... यहां आये-दिन चुटकुले पटक दिये जाते हैं यह एक जंतर-मंतर नुमा खेल है ... इसमें कुछ बुद्धीजन घुस जाते हैं जो सफ़लतापूर्वक निकल आते हैं उन्हें पुरुष्कार स्वरूप एक "छडी" प्रदाय की जाती है और उन्हें आजीवन सर्कस का सदस्य बना लिया जाता है फ़िर वे भी सर्कस के हिस्से बन जाते हैं और किसी न किसी आईटम कार्यक्रम में छडी हिलाते देखे जाते हैं ... सभी "छडी" धारकों के फ़ोटो सर्कस के गेट पर व संपूर्ण मेले में लगाये जाते हैं ... ताकी कुछ और झमूरे आकर्षित होकर पहुंचे ...

... फ़िलहाल तो भाऊ का इंटरनेशनल सर्कस सफ़लता पूर्वक जारी है ... नई ऊंचाईयों को छू रहा है ... हमारी भी शुभकामनाएं हैं कि भाऊ अपने सर्कस में कुछ नये झमूरे और शामिल करें तथा सर्मीला मैडम का एक आईटम सांग प्रत्येक शो मैं अवश्य रखें ... साथ ही साथ भालित बाबू को भी मुख्य किरदार में पेश करें ... सभी जंतर-मंतर शो के विजेताओं को सर्कस के ओपनिंग शो में छडी घुमाते हुये अवश्य दखाएं ... हमारी शुभकामनाएं ... जय हो भाऊ सर्कस की ... !!!!
(निर्मल हास्य)

9 comments:

Akhtar Khan Akela said...

uday bhaai kmaal kaa lekh he mzaa aa gyaa. akhtar khan akela kota rajsthan

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

भाऊ सर्कस? कोई नया खुला है क्या?

देवेश प्रताप said...

bahut badhiya lekh ......dher sari subhkaamnyen

संजय भास्कर said...

बेहद रोचक जानकारी है

संजय भास्कर said...

bahut badhiya lekh

शहरोज़ said...

..वाजिब मुद्दा उठाया है ... भाऊ का सर्कस ... एक हंसीला-जोशीला सर्कस है जो जबरदस्त कामेडी है आपने.भाई रचना-संसार की नयी पोस्ट देखिये आपका भी ज़िक्र है.

ब्लाग बाबू said...

अंकल मुझे देखना है सर्कस ।

महेन्द्र मिश्र said...

बेहद रोचक जानकारी है...

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

निर्मल हास्य!!!
मज़ा आ गया!