मेरे साये में शीतलता
मीठे फलों-सी है ...
मंद-मंद हवाओं के झौंके
भीनी खुशबू-से हैं ...
हर पल ... हर क्षण ...
सुकून, चैन, आराम ...
बेहिसाब हैं, मेरे साये में !
चिलचिलाती धूप हो
या हो मुसलाधार बारिश
तुम, मेरे साये में ...
जिंदगी गुजार सकते हो
मैं कोई और नहीं ...
वटवृक्ष हूँ ! तुम्हारा हूँ !!