एक ब्लागर मित्र पूछ रहा था भाई साहब ये
"ब्लागिंग" क्या है तीन-चार महिने से ब्लागिंग कर रहा हूं पर मुझे आज तक समझ नहीं आया ... चल अच्छा हुआ तुझे ब्लागिंग समझ नहीं आई, तू तो बस लिखता चल ... नहीं भईया बताओ न कुछ खास ... तो सुन ...
ब्लागिंग .... मतलब चमचागिरी !!!... क्यों मजाक कर रहे हो इसमे
"चमचागिरी" कहां पर है सब अपना अपना लिखने में मस्त रहते हैं ... बेटा इधर आ और अपना
"कान" खुजा के बैठ, बाद में कान
"खुजाने" का टाईम नहीं रहेगा, तू सीधा कान पकड के नौंचने लगेगा ... क्यूं डरा रहे हो भईया ... डरा नहीं रहा तुझे सच्चाई बता रहा हूं ...
... सुन चमचागिरी के किस्से ... ब्लाग बनाते और पोस्ट लगाते ही साथ चमचागिरी का पहला कदम ... नामी-गिरामी, फ़िल्मकार, टी.व्ही.कलाकार, न्यूज चैनल के एंकर, पत्रकार, महिला ब्लागर, राजनैतिक ब्लागर ... साथ ही साथ कुछ और धुरंधर टाईप के ब्लागर जिन्होंने
"ब्लागिंग गुट" बनाकर रखे हुए हैं ...
... इन लोगों की चमचागिरी शुरु करो ... वो कैसे ... इन सब के
"फ़ालोवर" बन जाओ और उनके ब्लाग पर
"चमचागिरीनुमा टिप्पणी" ठोकते चलो ... अब ये बता
"चेले" किसको पसंद नहीं हैं ... जैसे ही तू इनका चेला बनेगा ... इनमें से कोई न कोई तुझे
"पंदौली" देना शुरु कर देगा ... पंदौली मतलब कंधे पर बिठाकर घूमना ... मतलब तेरा "स्टार ब्लागर" बनना तय ... तू २०-२५ पोस्ट लगाकर भी "हीरो" बन जायेगा ...
... और अगर ऎसा नहीं किया तो अपने टाईप का "सामान्य ब्लागर" बन के रह जायेगा ... अगर तू बोलेगा तो बता दूंगा ब्लागजगत में ऎसे कितने
"चेले" हैं जो
"हिट ब्लागर" हैं ... हां बता दो भईया ... पर मेरे कान में ...
मैं सबसे पहले इन "चेले टाईप के गुरुओं" का ही "चेला" बन जाता हूं ...
... पर एक बात और ध्यान में रखना ...
यह ब्लागजगत है यहां अदभुत, चमत्कारी, जिंदादिल, शेरदिल, "ब्लागर" भी हैं इनके ब्लाग पर बिलकुल ऎसे ही लोग टिप्पणी करते हैं ... तू भी कभी कभी चला जाया कर नमस्कार करने ... चल जा दूसरा किस्सा बाद में बताऊंगा अभी तो इसी पे अमल कर एक महिने के अंदर तू मेरे ब्लाग से भी आगे निकल जायेगा ...
जय जय ब्लागिंग !!!(निर्मल हास्य)