Sunday, February 9, 2014

हिमायती ...

वे ... कभी अराजकता की, 
तो कभी … 
असंवैधानिकता की दुहाई देते हैं 
सीधे तौर पे 
सब 
क्यूँ कह नहीं देते 
कि -
हम भ्रष्टाचार के हिमायती हैं ?

Saturday, February 8, 2014

स्वयं-भू ...

चलो आज से, चित तुम्हारी और पट हमारी 
जनता तो मूर्ख है, सिक्का तो उछालेगी ही ? 
… 
उनको भी हक़ है, और उनको भी हक़ है 
सम्मान लेने, और देने का 
आखिर दोनों … स्वयं-भू जो हैं ?????
… 
अब जब, वो एजेंट हैं तो हैं, इसमें संशय कैसा  
बस, कोई उनसे, मालिकों सी उम्मीद न करे ? 
… 
चोरी-औ-उचक्काई में, उनका कोई सानी नहीं है 
मगर अफसोस, वो आज, एक कद्दावर नेता हैं ?
… 

Thursday, February 6, 2014

मंजिल ...

राह कठिन है, चाह कठिन है 
जीवन का संग्राम कठिन है 

थोड़ा तुम हो जाओ आसां 
और थोड़ा हो जाऊं मैं 

फिर … धीरे धीरे … 
बढ़े चलें … 
हम दोनों… मंजिल की ओर !

Wednesday, February 5, 2014

कोर्ट मार्शल ...

बे-वजह, क्यूँ तड़फ रहे हो खामोशियों में 
आँखों से ही सही, कुछ कह के तो देखो ?
भईय्या आज से अपुन भी समाजसेवी हो गए हैं 
खुद अपुन ने ही, 
अपने नाम के नीचे समाजसेवी लिख लिया है ? 
… 
सच ! हम भ्रष्ट सरकारों के आदि हो गए हैं 'उदय' 
गिरने दो, इकलौती……एक ईमानदार सरकार ? 
… 
सच ! न कोई खता, 
और न कोई कुसूर है हमारा 
फिर भी, 
मुहब्बत की कचहरी में 
है आज हमारा कोर्ट मार्शल ? 
… 

Saturday, February 1, 2014

अधिकार ...

दुआओं, मन्नतों, प्रार्थनाओं से भी अब कुछ नहीं होगा 
कोई समझाये उन्हें, 
हमसे दोस्ती, … फिर से, … मुमकिन नहीं यारा ???
,,, 
सच ! कुछ कर गुजरने के माद्दे ने 'उदय' 
उन्हें ख़ास से आम बना दिया है आज ? 
… 
उनकी लफ्फाजियों से हम तंग आ गए हैं 'उदय' 
सुबह हो या शाम,… जब देखो तब वही बातें ?? 
… 
ख़्वाब देखने का अधिकार, कोई हमसे न छीने 'उदय' 
आज से, हम भी…………… पीएम-इन-वेटिंग हैं ?
…