Thursday, May 3, 2012

मर्ज ...


सच ! जी तो चाहता है, किसी दिन, 'हू-ब-हू' तुझे ही पोस्ट कर दूं 
पर, बेहिसाब लाईक-औ-कमेन्ट के डर से, दिल हामी नहीं भरता ! 
... 
तुम भी मीठे, हम भी मीठे, फिर क्यूँ बातें तीखी हों 
आओ, बैठो, लगो गले ... कुछ मीठा-मीठा हो जाए !
... 
सच ! हमारे हरेक मर्ज की दबा, एक तुम हो 
जब तुम सांथ नहीं होते, हाल बेहाल होते हैं ! 

Wednesday, May 2, 2012

संगत ...

हम जानते हैं, ये 'सांई' का कुसूर नहीं है 'उदय' 
वो तो हम ही हैं, जो ईशारा समझ नहीं पाए !! 
... 
ये तेरी संगत का ही तो असर है 'उदय' 
कि अब उनके भी पैगाम आने लगे हैं ! 
... 
मेरे अन्दर बैठा आदमी, मुझसे रूठा हुआ है 
उसे जवाब चाहिए, झूठ से परहेज क्यूँ है ?

सन्नाटा ...


चाहते तो हैं, करें इजहार-ए-मुहब्बत 
पर, अब किसी पे एतबार नहीं होता ! 
... 
काश ! दिल्ली में, हमारा भी बसेरा होता 
तो तय था 'उदय', रोज नया सवेरा होता !!
... 
रंज भी नहीं है, द्वन्द भी नहीं है 
मगर फिर भी 'उदय', है सन्नाटा पसरा !

Tuesday, May 1, 2012

नायाब ढंग ...


उफ़ ! छेड़छाड़ के 
कईयों आरोप हैं जिन पर 
लो, उन्हीं के हाँथ में 
नारी कल्याण का जिम्मा 
दे दिया सरकार ने !!
... 
तुम्हें खुश देख के 
खुश हो लेते हैं 
जीने का 
ये नायाब ढंग  
हमने 
तुम से ही सीखा है 'उदय' !

चाहत ...


कहीं कोई खामोश, तो कोई चीख रहा है 
'उदय' ये कैसा तंत्र है, क्या लोकतंत्र है ? 
... 
अब क्या कहें, उनके सवाल पर 
कि - 'उदय' ये चाहत क्यूँ है ? 
... 
यहाँ तो कदम-कदम पर, 'खुदा' बैठे हैं 'उदय' 
किसका सजदा करें, कुछ समझ नहीं आता ?