Thursday, November 11, 2010

बस तेरी रहमत हो जाए, हर धड़कन जन्नत हो जाए।

शायद उन्हें मेरा, मुझे उनका इंतज़ार था
और देखते देखते, इंतज़ार की इन्तेहा हो गई
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कब सुबह से शाम हुई, यह सोचता रहा
ऐसा क्या था उसमें, जो मैं उसे देखता रहा
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हर आँखों में तू बसता है, हर दिल में सजदा होता है
बस तेरी रहमत हो जाए, हर धड़कन जन्नत हो जाए

Saturday, November 6, 2010

दीपोत्सव !

दीप-दीवाली, दीपोत्सव
तुम-हम, हम-तुम दीपोत्सव

क्या तुम, क्या हम दीपोत्सव
सारा जग है दीपोत्सव !

Thursday, November 4, 2010

आँगन आँगन दीवाली है !

दीवाली है, दीवाली है
मान हमारी, आन हमारी
पहचान हमारी, शान हमारी
चेहरे चेहरे पे मुस्कान हमारी
आँगन आँगन दीवाली है !


दीवाली है, दीवाली है
खुशियों की ये दीवाली है
हंसते हंसते दीवाली है
गाते गाते दीवाली है
आँगन आँगन दीवाली है !


दीवाली है, दीवाली है
चले चलो सब दीवाली है
गले मिलो सब दीवाली है
गाँव गाँव, शहर-शहर
आँगन-आँगन दीवाली है !


दीवाली है, दीवाली है
मावा बाटी, काजू कतली
लड्डू-पेड़े, खीर-पुड़ी
मीठी-मीठी दीवाली है
आँगन-आँगन दीवाली है !


दीवाली है, दीवाली है
लड़ी-फुलझड़ी, चकरी-अनार
राकेट, बम, चकमक लाईट
चटपट चटपट, पटपट पटपट
आँगन-आँगन दीवाली है !


दीवाली है, दीवाली है
हिन्दू-मुस्लिम, सिक्ख-इसाई
बूढ़े-बच्चे, नर और नारी
गले मिल रहे दीवाली है
आँगन आँगन दीवाली है !

Tuesday, November 2, 2010

हमारी दीवाली !

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रौशनी, रंग, तरंग, उमंग, खुशी, उत्साह, दिलों में बसते हैं
श्रीगणेश, कुबेर, लक्ष्मी, मिलन, समर्पण हमारी दीवाली है !
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Monday, November 1, 2010

जगमग जगमग है दीवाली !

दीवाली की शाम निराली
फटाकों की धूम निराली
पोशाकों की शान निराली
मीठी मीठी, मीठी वाणी
रंगोली से सजे हैं आँगन
चौखट चौखट फूल सजे हैं
आँगन आँगन दीप जले हैं
दीप जले हैं, दीप जले हैं
जगमग जगमग है दीवाली !