Tuesday, October 9, 2012

तमगों की चाह ...


देर-सबेर, सब दूध-का-दूध और पानी-का-पानी हो जाएगा 
लोग, खामों-खाँ ... सच्चाई से बचने की जुगत ढूंढ रहे हैं ?
... 
अब क्या कहें, अपने मिजाज उनसे मिलते नहीं 'उदय' 
वर्ना, तकरार की ..... आज कोई गुंजाइश नहीं होती ? 
... 
ऐंसा लगता है 'उदय', उनकी बत्ती गुल हो जायेगी 
गर, बिजली की कीमतों पे अंकुश न लगाया उन्ने ? 
... 
ये पोंगा-पंडितों का युग है 'उदय', जहां वे जन्मे हैं 
वर्ना, उनकी भी ........ आज जय-जयकार होती ?
... 
हमें, किसी की भी, चमचागिरी औ जी-हुजूरी की जरुरत नहीं है 'उदय' 
क्यों ? .................. क्योंकि, हमें बनावटी तमगों की चाह नहीं है ??

Monday, October 8, 2012

स्क्रिप्ट ...


साहब, मैं आपको खरीदना चाहता हूँ !
क्यों ? 
मुझे आपकी जरुरत है ... 
किसलिये ??
मुझे एक बहुत बड़ा घोटाला करना है !!
करो, वहां मेरा क्या काम ???
साहब, आप एक बहुत बड़े लेखक हैं ...
आप से -
महाघोटाले की ... 
और उसके बाद, ... उससे ...
बच निकलने की, एक - 
सुपर-डुपर हिट स्क्रिप्ट लिखवानी है !!!

Sunday, October 7, 2012

गारंटी ...


दौलतें सब की 'उदय', यहीं छूट जानी हैं 
लोग, खामों-खाँ उछल-कूद कर रहे हैं ? 
... 
खिड़की, चौखट, आँगन, ... सब सूने-सूने-सूने हैं 
उनके ............................. चले जाने के बाद ? 
... 
देर-सबेर ही सही 'उदय', इक दिन वो पल आएगा 
कुकुर-बिलई के चंगुल से, देश मुक्त हो जाएगा ?
... 
वो हमसे परसों की गारंटी ले के गए थे 'उदय' 
लो, वो खुद ही .......... आज शाम चल बसे ? 
... 
वो मर्जी के मालिक हैं, हमें संगदिल कह सकते हैं 
मन ही मन चाहते रहना, गुनाह तो नहीं है 'उदय' ? 

जीत ...


तुम जीत कर हारने का सोचो, 
और मैं ...
हार कर जीतने का सोचता हूँ, 
किसी न किसी तरह ...
इस तरह ... 
हम दोनों जीत जायेंगे ?????

Friday, October 5, 2012

सरपंची ...


काश ! हमारे बस में होता, 'दिल' छोटा-बड़ा करना 
तो एक बार बड़ा कर के, जहां अपना हम कर लेते ? 
 ... 
कदम कदम पे, दंगाईयों का हुजूम मिल जाता 'उदय' 
गर, मौक़ापरस्तों को, ...... आज रोका नहीं जाता ?
... 
ये किन महाशय को सरपंची सौंपी गई है 'उदय' 
उफ़ ! जिन्ने कभी ... गाँव की सूरत नहीं देखी ?
...
गर, इसी तरह वे, .......................... उन्हें चांटे जड़ते रहे 'उदय' 
तो तय है, गाल उनके, सिर्फ सूजेंगे नहीं वरन लाल भी हो जायेंगे ? 
... 
'खुदा' जाने इसके बाद नंबर किसका आना है 
बहुत तो, यह सोच कर ही अचंभित हैं 'उदय' ?