Wednesday, July 6, 2011

... जय उत्तर प्रदेश ! जय जय उत्तर प्रदेश !!

न तो मैं किसी का समर्थक हूँ
और न ही
मुझे किसी से कुछ लेना देना है
और न ही
कुछ अपेक्षाएं-उपेक्षाएं हैं
किसी भी राजनैतिक पार्टी से
बस, मैं तो सिर्फ इतना जानता हूँ कि -
उत्तर प्रदेश, अपने देश का एक महत्वपूर्ण अंग है
इस नाते सहानुभूति है, और रहेगी
सहानुभूति भी सिर्फ उतनी कि -
वहां, अमन-चैन, सुख-शान्ति, कायम रहे
ऐसा नहीं, कि अभी वहां सुख-शान्ति नहीं होगी
होगी, जरुर होगी, पर हमें, आए दिन
देश के, दूध के धुले, खबरिया माध्यमों से
ये खबर सुनने-देखने मिलती हैं कि
वहां पर, अपराध ही अपराध का बोलबाला है
शायद हो भी, और नहीं भी हो !
क्या देश के, अन्य प्रदेशों में
लूट-पाट, बलात्कार, हत्याएं, आपराधिक षडयंत्र
नहीं हो रहे, यदि हो रहे हैं तो
हमें, सुनने-देखने क्यों नहीं मिल रहे
सिर्फ, सिर्फ, उत्तर प्रदेश ही सुर्ख़ियों में क्यों है
क्या वजह है, या क्या वजह हो सकती है !
यह सवाल, अपने आप में एक महत्वपूर्ण सवाल है
जय उत्तर प्रदेश ! जय जय उत्तर प्रदेश !!

Tuesday, July 5, 2011

... "राज करो तो मिल बाँट कर करो" !!

शैतानों ने भी खूब नाम कमाया है 'उदय'
कोई लगते जिगर होकर भी बदनाम है !
...
कभी थके, तो कभी बुझे बुझे से फिरा करते थे
सच ! अब घर कहाँ, सारा जहां हमारा है !!
...
रकीबों तक को है खबर जालिम, तुम्हें हम चाहते हैं
नहीं है तो खबर तुमको, वरना कहां चर्चा नहीं होती !

...
दुम अगर न होती, तो टेढ़ी कैसे होती
सच ! जब है तो, टेढ़ी तो होना ही है !!
...
कातिलों का शहर है, लोग दबी दबी सी जुबां रखते हैं
उफ़ ! कोई कुछ पूंछ न बैठे, बस यही दुआ करते हैं !!
...
चिंगारी देख, हुक्मरानों की नींद उड़ सी गई है 'उदय'
खौफ का साया है, सियासतें थर-थरा रही हैं आज !!
...
फूट डालो और राज करो की नीति पुरानी हुई है 'उदय'
अब नया दौर है, "राज करो तो मिल बाँट कर करो" !!

... खेल-खिलौना बच्चा था !!

कुछ झूठा, कुछ सच्चा था
देश का प्यारा बच्चा था !
कुछ अच्छा, कुछ कच्चा था
राज दुलारा बच्चा था !
न सुनता था, हाँ करता था
आँख का तारा बच्चा था !
न रोता, न हंसता था
चाँद सा प्यारा बच्चा था !
न खुद का था, न सबका था
हंसता-गाता बच्चा था !
चल पडा था, बढ़ पडा था
खेल-खिलौना बच्चा था !!

Monday, July 4, 2011

... ऐसे जांबाज बच्चे, धरा की शान होते हैं !!

करते रहें गुनाह, और सजा भी न मिले
क्या खूब मंजर हैं, गुनहगारों के हांथ में !
...
सच ! होते तो होंगे, घरों में आईने इनके
पर, शायद, ये खुद को देखते नहीं होंगे !
...
उफ़ ! क्या खूब परेशां किया है किसी ने
शायद चाहती है, मगर छिप-छिप कर !
...
किसी ने की तो है मोहब्बत, किसी से बेइंतेहा
अफ़सोस, कोई है जो चाहता किसी और को है !
...
सच ! हर रोज की तरह, ये सब मेरे सामने है
कुछ बोलती भी है, और कुछ खामोश भी है !
...
हम मर मर कर भी फिर से ज़िंदा हो जायेंगे
झूठे हैं तो क्या इतने जल्दी हम मर जायेंगे !
...
कब तक देते दिलासा, उमड़ते जज्बातों को
लो बयां कर दिए, अब जैसी तुम्हारी मर्जी !
...
सच ! चवन्नी देख के, सहम जाते थे लोग
अब नहीं रही, भूल जाएंगे लोग, अपनी अपनी औकातें !
...
दुआ हम भी करे हैं, उसे महफूज रखना ए 'खुदा'
ऐसे जांबाज बच्चे, धरा की शान होते हैं !!

... वाह ! आमिर ! वाह !!

वाह ! आमिर ! वाह
तुम्हें तो आयेगी नहीं
और आनी भी नहीं चाहिए
क्या ! शर्म
क्या करेगी, आकर, तुम्हें
तुम्हारा तो अधिकार है, जन्म सिद्ध
तुम्हारे से मेरा तात्पर्य
फिल्म कलाकार से है
गर, आने लगी, शर्म, फ़िल्मी कलाकारों को
तो, शायद, फ़िल्में बनना
बंद न हो जाएं, अश्लील, फूहड़, और दोअर्थी
चलो ठीक ही हुआ, तुमको मौक़ा मिला
तुमने भी, सिद्ध कर दी, फूहड़ता
फूहड़ता का स्तर, क्या है, कितना है, क्यों है
ये तो, मैं, फिल्म देखने के बाद
ही बयां कर पाऊँ
पर, जैसा सुन रहा हूँ, लोग बयां कर रहे हैं
एक अनुमान, लग रहा है
तुम चरम पर हो, इस फिल्म में, संग फूहड़ता के
पर तुम, मत करना, शर्म, खुद पर
क्यों, क्योंकि, तुम्हारा तो अधिकार है
फूहड़ता, अश्लीलता, और दोअर्थी संवादों पर
क्यों, क्योंकि ...
तुम एक कलाकार हो, फ़िल्मी कलाकार
वाह वाह ! देल्ही बेली
वाह ! आमिर ! वाह !!