यह कहना अतिशयोक्तिपूर्ण नहीं होगा की ब्लागिंग एक नशा है !
प्रमाणित करने के लिए भी ढेरों तर्क हैं ...
सर्वप्रथम व प्रमुख तौर पर ...
आदमी सुबह बिस्तर से उठकर सबसे पहले कंप्यूटर "
आन"
करता है फिर बाथरूम जाता है ...
दिन भर क्या करता होगा,
नशे का आदि जो है ....
रात को भी वही हाल बिस्तर पर जाने के पहले की क्रिया कंप्यूटर "
आफ"
करना होता है !
....
ये तो एक सिंपल उदाहरण है ...
मैं यह नहीं कहता कि सभी लोग इस नशे के आदि हैं ...
कुछ नहीं भी हैं ...
और कुछ तो "चूरम-चूर" हो गए हैं ...
...
खैर चिंतित होने की जरुरत नहीं है इस नशे से
मुक्ति का उपाय भी है ...
सर्वप्रथम सभी ब्लागर साथियों की राय भी जान लेना उचित समझ रहा हूं ... क्या सचमुच ब्लागिंग नशा है ? ... यदि है, तो मुक्ति के उपाय आपकी नजर में क्या हैं ??
विशेष टीप :- यह नशा मुझे भी तनिक-तनिक हो गया था !!!