Sunday, May 13, 2018

शायद .. कोई .. आस-पास है ... !!

प्रेम है, दुआ है, लाड़ है, या डांट है,

कुछ ..
अजीब-सा अहसास है

मन उदास है
शायद .. कोई .. आस-पास है ... !! 

~ श्याम कोरी 'उदय'

4 comments:

कविता रावत said...

माँ ऐसी ही होती है

kuldeep thakur said...

जय मां हाटेशवरी...
अनेक रचनाएं पढ़ी...
पर आप की रचना पसंद आयी...
हम चाहते हैं इसे अधिक से अधिक लोग पढ़ें...
इस लिये आप की रचना...
दिनांक 15/05/2018 को
पांच लिंकों का आनंद
पर लिंक की गयी है...
इस प्रस्तुति में आप भी सादर आमंत्रित है।

Rohitas Ghorela said...

क्या ये विरोधाभाष उचित है।

मन की वीणा said...

असमंजस मन का कोई कमी सा।