Sunday, January 2, 2011

जादूगरनी ...

सच ! तुम हसीन
बेहद ख़ूबसूरत हो
जब तुम्हें देखता हूँ
तो सिर्फ देखते रहता हूँ
तुम्हारी आँखें
उफ्फ़ ! क्या कहूं
अजीब-सी कशिश
अजीब-सा जादू है
जब भी मुझे
देखती हैं ! उफ्फ़
अपना बना लेती हैं !

हाँ ! याद है मुझे
जब तुमने मुझे
पहली बार देखा था
बस ! उसी पल
तुमने मुझे, चाहकर भी
अपना बना लिया था
वो दिन या आज का दिन
मैं तुम्हारी आँखों के
इर्द-गिर्द ही हूँ
सच ! क्या तुम्हें पता है
कि तुम एक जादूगरनी हो !

शायद ! नहीं
ठीक है, अच्छा ही है
तुम अंजान हो
तुम्हें यह ही यकीं है
कि मैं तुम्हें
बे-इम्तिहां चाहता हूँ
सच ! चाहता तो हूँ
पर अनोखा सच तो
तुम्हारी आँखों का जादू
खैर ! जाने दो
मुझे तो सिर्फ इतना पता है
कि मैं तुम्हें बेहद
बे-इम्तिहां चाहता हूँ !!

23 comments:

संजय भास्‍कर said...

आदरणीय उदय जी
नमस्कार !
सच ! चाहता तो हूँ
पर अनोखा सच तो
तुम्हारी आँखों का जादू
खैर ! जाने दो
मुझे तो सिर्फ इतना पता है
कि मैं तुम्हें बेहद
बे-इम्तिहां चाहता हूँ !!
..........."ला-जवाब" जबर्दस्त!!

संजय भास्‍कर said...

आँखों का जादो सभो को वश में कर लेता है

ब्लॉ.ललित शर्मा said...

वाह, बेहतरीन उदय भाई

नूतन वर्षाभिनंदन

Arvind Jangid said...

नज़रों की जबां नज़रों ने जानी....


"बाते नज़रों से कर लीजिए,
क्या नज़रों की जबां आती नहीं.

सुन्दर चित्रण.

साधुवाद.

प्रवीण पाण्डेय said...

बहुत गाढ़ा चित्रण भावनाओं का।

JAGDISH BALI said...

Good love poem.

JAGDISH BALI said...

Good love poem.

Sushil Bakliwal said...

चाहत का कातिलाना अंदाज !

संजय कुमार चौरसिया said...

हाँ ! याद है मुझे
जब तुमने मुझे
पहली बार देखा था
बस ! उसी पल
तुमने मुझे, न चाहकर भी
अपना बना लिया था
वो दिन या आज का दिन
मैं तुम्हारी आँखों के
इर्द-गिर्द ही हूँ
सच ! क्या तुम्हें पता है
कि तुम एक जादूगरनी

bahut badiya prastuti

ManPreet Kaur said...

bahut hi badiya likha hai ..

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vandan gupta said...

यही तो चाहत होती है
वो चाहे ना चाहे

Rahul Singh said...

तेरी आंखों में वो जादू है...

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " said...

udaiji,
hai to jadugarni hi!
achchhi sanyog shringar ki rachna.

सुरेश शर्मा (कार्टूनिस्ट) said...

बेहद उम्दा रचना, बेहतरीन प्रस्तुति !

अभिषेक मिश्र said...

चाहत की सुन्दर अभिव्यक्ति.

उपेन्द्र नाथ said...

uday ji, behad pyare ehsas ke sath sunder kavita.....

मनोज कुमार said...

सुंदर भावाभिव्यक्ति।

ZEAL said...

सुन्दर अभिव्यक्ति !

राज भाटिय़ा said...

तभी तो यह गीत बना था.... निशाना चूक ना जाये जरा नजरो से.... अजी यही जादू हे जो अच्छो अच्छो को हिला देता हे.
बहुत सुंदर रचना धन्यवाद

kshama said...

Kya jadu hai!!

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

चाहत की कोई सीमा नहीं होती, वाकई.

TRIPURARI said...

पता है उदय जी,
कुछ लोग जानबुझ कर अंजान बनते हैं ।
सब जादू से भरे हैं...

M VERMA said...

जादू ही तो है