Friday, November 20, 2009

बोल अनमोल

" जो रीति-नीति इंसानों के बीच में लकीरें खींच दे वह अनुशरण के योग्य नही हो सकती।"
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" आधुनिकता कट्टरपंथ को समाप्त कर देगी और कट्टरपंथी देखते रह जायेंगे।"
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" भूख, नींद, सेक्स, जन्म, म्रत्यु का कोई धर्म नहीं है।"
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" उधार ले कर किसी अन्य को उधार मत दो।"
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"कर्ज लेकर किसी जोखिम वाले व्यवसाय में निवेश करना भलमनसाहत का कार्य नही है।"
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"बूंद-बूंद से घडा भर सकता है लेकिन नदियां व झरने ही समुन्दर बना सकते हैं।"

14 comments:

संजय भास्‍कर said...

बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
ढेर सारी शुभकामनायें.

संजय कुमार
हरियाणा
http://sanjaybhaskar.blogspot.com
Email- sanjay.kumar940@gmail.com

संजय भास्‍कर said...

भावों को इतनी सुंदरता से शब्दों में पिरोया है
सुंदर रचना....

रश्मि प्रभा... said...

bahut hi badhiyaa

राज भाटिय़ा said...

बहुत अनमोल ओर सचे वचन जी
धन्यवाद

Science Bloggers Association said...

बेशक अनमोल।

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सिर पर मंडराता अंतरिक्ष युद्ध का खतरा।
परी कथाओं जैसा है इंटरनेट का यह सफर।

vandan gupta said...

behad sundar prastuti

BrijmohanShrivastava said...

शिक्षा प्रद अनमोल बचन बहुत अच्छे लगे

प्रकाश पाखी said...

आपकी हर सलाह अनमोल है...जीवन में उतारने से लाभ अवश्य मिलेगा..

Arshia Ali said...

सचमुच अनमोल।



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क्या है कोई पहेली को बूझने वाला?
पढ़े-लिखे भी होते हैं अंधविश्वास का शिकार।

Prem said...

sach men anmol shabd shubhkamnayen

दिगम्बर नासवा said...

KAMAAL KA LIKHA HAI .... SOCH KE DEKHEN TO SAB SACH ...

निर्झर'नीर said...

उधार ले कर किसी अन्य को उधार मत दो।"

katu satya

yakinan aapke vachan anmol hai

संजय भास्‍कर said...

lajwaab rachna

Unknown said...

अनमोल बचन बहुत अच्छे लगे