Wednesday, December 29, 2010

सफ़र ...

जाने, कौन जाने
कब तलक
चलना है मुझको !
सफ़र है, रास्ते हैं, और मेरे पग
इरादों संग, निरंतर बढ़ रहे हैं !

मिलेंगी मंजिलें
रस्ते बड़े हैं
थकेंगे कभी, ये पग मेरे हैं !
मेरे जज्बे, हौसले
पगों
संग, होड़ में आगे खड़े हैं !

सोचो तुम
थक कर, कहीं, मैं ठहर जाऊं !
ये पग
जज्बे
इरादे
हौसले
मैंने गढ़े हैं !

चलो चलते रहो, बढ़ते रहो
तुम, संग संग मेरे
पीछे रास्ते मैंने गढ़े हैं !
सफ़र
थोड़ा बचा है, चलो चलते रहें
सुकूं की सांस लेंगे
हम, पहुँच कर, मंजिलों पर !!

15 comments:

Arvind Jangid said...

पैरों संग इरादे हों तो मंजिल दूर नहीं रहती.....

सुन्दर कविता ! साधुवाद.............
----------------------------------
नव वर्ष मंगलमय हो. हार्दिक सुभकामनाएँ.
अरविन्द जांगीड, सीकर (राज.)
----------------------------------

प्रवीण पाण्डेय said...

चरेवेति, चरेवेति।

केवल राम said...

मेरे पग
इरादों संग
निरंतर बढ़ रहे हैं !
xxxxxxxxxxxxxxxxxx
और यह पग बहुत मजबूती से निरंतर बढ़ते रहें यही कामना है.... नव वर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनायें

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

आशावादी रचना अच्छी लगी ...नव वर्ष की शुभकामनायें

vandan gupta said...

सुन्दर रचना।

संजय भास्‍कर said...

सुन्दर कविता !
नए साल की आपको सपरिवार ढेरो बधाईयाँ !!!!

Sushil Bakliwal said...

जीवन चलने का नाम...

अरुण चन्द्र रॉय said...

सुन्दर कविता ! साधुवाद.............

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " said...

asha aur vishwas hi manzil tak le jate hain.
nav varsh ki hardik shubhkamnayen.

महेन्‍द्र वर्मा said...

मिलेंगी मंजिलें
रस्ते बड़े हैं
थकेंगे न कभी
ये पग मेरे हैं
मेरे जज्बे, हौसले
पगों संग
होड़ में आगे खड़े हैं !

हौसला हो तो मंजिल निकट ही प्रतीत होती है।
बहुत सुंदर रचना।

गौरव शर्मा "भारतीय" said...

चलो चलते रहो
बढ़ते रहो तुम
संग संग मेरे
पीछे रास्ते मैंने गढ़े हैं
सफ़र थोड़ा बचा है
चलो चलते रहें
सुकूं की सांस, लेंगे हम
पहुँच कर, मंजिलों पर !!

इन पंक्तियों को पढ़कर मन प्रसन्न हुआ...आभार !!

Kailash Sharma said...

चलो चलते रहो
बढ़ते रहो तुम
संग संग मेरे
पीछे रास्ते मैंने गढ़े हैं

बहुत प्रेरक प्रस्तुति..नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

संजय भास्‍कर said...

सुन्दर कविता !
नव वर्ष मंगलमय हो. हार्दिक सुभकामनाएँ.

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर कविता जी धन्यवाद

amit kumar srivastava said...

भावपूर्ण अभिव्यक्ति ।नववर्ष की शुभकामनाएं।