Monday, October 1, 2012

लोकतंत्र ...


2 comments:

सुशील said...

मैं अपने लोकतंत्र का
क्या कर पाउंगा
घर पर तानाशाह
जब हो जाउंगा
वोट देने चला
गया तब भी
मोहर तो अपनी
ही सोच की लगाउंगा !

प्रवीण पाण्डेय said...

गांधी बाबा के आदर्श माने जायें।