Wednesday, June 27, 2018

तुम तुम थे, तो हम भी हम हैं !

वो चोर थे
इसलिए आज हम भी चोर हैं
वो फिरकीबाज थे
इसलिए आज हम भी फिरकीबाज हैं

उन्होंने संविधान की खूब गिल्लियाँ उड़ाईं
तो हम चौके-छक्के उड़ा रहे हैं

हम उनसे किसी भी मामले में
पीछे नहीं हैं

हम उन्हें सबक सिखा कर ही रहेंगे
कि -
तुम तुम थे, तो हम भी हम हैं

जनता ... ?
जनता की तो ... ऐसी की तैसी .... !!

~ उदय

2 comments:

सुशील कुमार जोशी said...

ऐसी की तेसी।

Dilbag Virk said...

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 28.06.18 को चर्चा मंच पर चर्चा - 3015 में दिया जाएगा

धन्यवाद