Sunday, September 22, 2013

निर्दयी दिल्ली ...

रोज हो रहे हैं बलात्कार दिल्ली में 
फिर भी 
न जाने क्यूँ -
सो रही है 
देश की सरकार दिल्ली में ?

करें तो क्या करें 
अब 
हम 
खुद से 
इस ……… निर्दयी दिल्ली का ??

3 comments:

राकेश कौशिक said...

पछताने के अलावा कुछ नहीं कर सकते

ई. प्रदीप कुमार साहनी said...

आ रहा है दिल्ली में चुनाव । मतदाताओं को अपने अधिकार का प्रयोग समझदारी से करना चाहिए ।

मेरी नई रचना :- चलो अवध का धाम

प्रवीण पाण्डेय said...

समय सबको राह दिखायेगा।