Tuesday, September 17, 2013

फेसबुक एडिक्ट ...

लघुकथा : एडिक्ट 

दो मित्र अपने अपने ढंग से पिछले सवा घंटे से टाईम पास कर रहे थे तभी एक मित्र ने दूसरे मित्र से कहा - 

यार तुम फेसबुक एडिक्ट हो गए हो, बहुत बुरी बात है ! 

दूसरे ने पहले मित्र के एक हाथ में सुलग रही ग्यारहवी सिगरेट तथा दूसरे हाथ में अधभरे शराब के पांचवे पैग को देखते हुए जवाब दिया -  

एडिक्ट … हाँ यार … सच कह रहे हो !!

3 comments:

Lalit Chahar said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति..

आज की चर्चा : ज़िन्दगी एक संघर्ष -- हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल चर्चा : अंक-005

सरिता भाटिया said...

आपकी यह रचना कल बुधवार (18-09-2013) को ब्लॉग प्रसारण : 120 पर लिंक की गई है कृपया पधारें.
सादर
सरिता भाटिया
गुज़ारिश

मदन मोहन सक्सेना said...

बेह्तरीन अभिव्यक्ति बहुत खूब , शब्दों की जीवंत भावनाएं... सुन्दर चित्रांकन
कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
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