Sunday, July 29, 2012

जय हिंद ...

जिस घड़ी वे अपने आँख के चश्मे पे पडी धूल पौंछ लेंगे 'उदय' 
फिर उन्हें, अनशन-आंदोलन में कोई देश-द्रोही नहीं दिखेंगे ?
... 
हौसला तू रख, हमारी जीत होगी 
अभी हम, लड़ रहे हैं - लड़ रहे हैं !
... 
इस बार, लड़ाई... आर-पार की है 
मारेंगे या मर जाएंगे, जय हिंद !! 

1 comment:

Rajesh Kumari said...

आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टि की चर्चा कल मंगलवार को ३१/७/१२ को राजेश कुमारी द्वारा चर्चामंच पर की जायेगी आपका स्वागत है