Saturday, February 11, 2012

... सलीका भी सिखा दिया है यारो !

जाकर खबर कर दो उन्हें, कि मर गया हूँ मैं
भूतों में आस्था है, अब पूज लें मुझे !!
...
सच ! नहीं है रंज मुझे, तेरी जुदाई का
तेरी पनाह में, क्या कम उदास थे ??
...
ज़िंदा तो हूँ, पर ज़िंदा नहीं हूँ
जिंदगी ने, जीने का यह सलीका भी सिखा दिया है यारो !

2 comments:

Shanti Garg said...

बहुत बेहतरीन और प्रशंसनीय.......
मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

कल 28/02/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर (विभा रानी श्रीवास्तव जी की प्रस्तुति में) लिंक की गयी हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!