Monday, February 14, 2011

सच ! तो खुद को ऐश्वर्या, कैटरीना, करीना, कैसे कह पाएंगी !!

बहुत दिनों से ब्लोग विश्लेषण का दौर चल रहा था
आज पता चला, खोदा पहाड और निकली चुहिईया !
...

तुम्हारी यादों के बंधन, हमेशा साथ होते हैं
सफ़र कैसे गुजरता है, हमें मालुम नहीं पड़ता !
...
चिट्ठे नुमा बच्चे सहेज के रखे जाएँ
आज के साथ साथ, कल भी सुकूं देंगे !
...
ऊंचीं इमारते सूनी पडी हैं, वहां है डर का बसेरा
खंडहर हुईं, कोई जाता नहीं, दीवारें चीखती हैं !
...
उफ़ ! क्या करे मजबूर है, शौहरत के नशे में चूर है
पिटने-पिटाने से बच रहा है, फिर भी छाया सुरूर है !
...
कोई है जो सपनों में भी, आ आ कर सता रहा है
पर खता क्या है हमारी, पूछने पर शर्मा रहा है !
...
चलो देखें, कौन हंसता है, बेबसी पे
बेबस हुए तो हुए, पर लाचार नहीं हैं !
...
अब क्या कहें, रोज तो रोज है, खुशबू के क्या कहने
रोज मिले न मिले, खुशबू सही, पर रोज मिलती रहे !
...
सुना है, तुसी ग्रेट हो ! ब्लॉग बुखार तो ठीक है
कोई इसका सीरप, गोली, इंजेक्शन तो सुजाओ !
...
कतरा कतरा आंसू तिरे जब तक गिरते रहे
सच ! ऐसा लगा जैसे सैलाब उमड़ रहा हो !
...
क्या करें मजबूर हैं, गर पति को न समझें सलमान-शाहरुख
सच ! तो खुद को ऐश्वर्या, कैटरीना, करीना, कैसे कह पाएंगी !
!

6 comments:

OM KASHYAP said...

कोई है जो सपनों में भी, आ आ कर सता रहा है
पर खता क्या है हमारी, पूछने पर शर्मा रहा है !
क्या करें मजबूर हैं, गर पति को न समझें सलमान-शाहरुख
सच ! तो खुद को ऐश्वर्या, कैटरीना, करीना, कैसे कह पाएंगी !!
bahut khub

प्रवीण पाण्डेय said...

सच है।

संजय भास्कर said...

क्या करें मजबूर हैं,

संजय भास्कर said...

प्रेमदिवस की शुभकामनाये !

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

क्या करें मजबूर हैं, गर पति को न समझें सलमान-शाहरुख
सच ! तो खुद को ऐश्वर्या, कैटरीना, करीना, कैसे कह पाएंगी !!
:) :) ...अच्छा व्यंग ..

सुशील बाकलीवाल said...

सत्य वचन.