Monday, June 7, 2010

.... ये साधु भी ब्लागर है !!!

22 comments:

निशांत मिश्र - Nishant Mishra said...

ललित शर्मा जी हैं न?

संगीता पुरी said...

यह उस समय की फोटो है .. जब ब्‍लॉगिंग में साधुओं की भीड हो गयी थी !!

राजीव तनेजा said...

ये तो अपुन का बनाया कमाल था :-)

राज भाटिय़ा said...

राम राम जी

महफूज़ अली said...

हम इन्ही का चेला हूँ..... बाबा मह्फूज़ानंद नाम है हमरा... ....

जय हो श्री श्री श्री... ललित बाबा की....

Jandunia said...

लगता है अब कुछ धर्म-कर्म की बात होगी

M VERMA said...

शरण मे हम भी हैं

शिवम् मिश्रा said...

जय हो बाबा जी की |

girish pankaj said...

lalit sharmaa agar sadhu bhi ban jaye to, vahaa bhi hit ho jaye. chhutti kar de babaon ki. rajiv tanejaa ji ne yah huliyaa banayaa tha. rajiv bhai iss kalaa mey parangat hai.

Mishra Pankaj said...

yah to bahut pahale se dekh chuka hu aap kya dikhana chahate hai yaha par :)

pankaj mishra said...

jai shree blog.
http://udbhavna.blogspot.com/

Udan Tashtari said...

जय हो स्वामी ललितानन्द की.

Suman said...

nice

pukhraaj said...

हर किसी को अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है फिर वो साधू ही क्यूँ न हो ... ललित जी ही क्यूँ हम सब के अन्दर भी एक साधू है बस छिपा हुआ है ...

Ratan Singh Shekhawat said...

जय हो बाबा श्री श्री १००८ ललितानंद जी महाराज की |

मनोज कुमार said...

सारे ब्लॉगर साधु हैं जी।
इसके लिए कितना तप करना पड़ता है, घर-बार का मोह-माया त्याग कर।

सूर्यकान्त गुप्ता said...

इसीलिये साधुजी को अपने ब्लोग के किनारे मे रखा है।

सतीश सक्सेना said...

मूंछे जानी पहचानी लग रही हैं ...!

honesty project democracy said...

जय हो बाबा श्री श्री १०८ स्वामी बाबा ललितानंद तीर्थ की ...
उदय जी आपका भी धन्यवाद् इस रोचक प्रस्तुती के लिए ..

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

जय हो।
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करे कोई, भरे कोई?
हाजिर है एकदम हलवा पहेली।

राजकुमार सोनी said...

यह कोई मामूली साधु नहीं है। पिछले दिनों इस साधु को किसी डाक्टर ने कह दिया था कि सीधे-सीधे साधुगिरी के धंधे में आ जाओ... बस फिर क्या था सारे साधुओं ने त्रिशूल-भाला निकालकर गाना चालू कर दिया था-
तुझपे कुरबा मेरी जां... मेरा दिल मेरा ईमां
यारी मेरी कहती है यार पे करदे सब कुरबा
कुर्बानी... कुर्बानी... अल्लाह को प्यारी है
आप सोच रहे होंगे कि साधु और अल्लाह की बात
इस साधु के बहुत से दोस्त धर्मनिरपेक्ष है।

सुलभ § Sulabh said...

स्वामी ललितानन्द जी प्रवचन शुरू करें.