Saturday, October 1, 2016

लापरवाही .. !

अभी वक्त ठहरा है
शांत है
खामोश है ...

वक्त के
चलने .. बढ़ने का
हमें इंतज़ार करना चाहिए

अतिउत्साह में ..
अक्सर ... लापरवाही ..
हमें धोखा दे जाती है ... ?

~ श्याम कोरी 'उदय'