Sunday, April 27, 2014

सवारी ...

सच ! मैं हंसु या रोऊं, तुझे क्या 
तुझे तो सिर्फ सत्ता की पडी है ?
… 
पीएम-इन-वेटिंग होने का मतलब 
पीएम-मटेरियल हो जाना नहीं है 'उदय' 
यह बात,… 
हम जानते हैं …… सब जानते हैं ???
…  
मीडिया पार्टी से भी उनका गठबंधन हो गया है 'उदय' 
अब सच को, और झूठ को, कौन आईना दिखायेगा ?
दो-दो नावों की सवारी 
उफ़ ! कहीं, उन्हें, भारी न पड जाये 'उदय' ?
… 
बस, दोनों में मामूली सा फर्क नजर आ रहा है 'उदय' 
एक थोपा गया था, और दूसरा…… थोपा जा रहा है ?
… 

2 comments:

yashoda agrawal said...

आपकी लिखी रचना मंगलवार 29 अप्रेल 2014 को लिंक की जाएगी...............
http://nayi-purani-halchal.blogspot.in आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

संजय भास्‍कर said...

बहुत ही बेहतरीन रचना , एक अनूठा संगम हैं आपकी रचनाओं में , धन्यवाद ।