Sunday, October 27, 2013

खुद-ब-खुद ...

अभी तो शुरू ही की हैं 
हमने 
लिखना कविताएँ 
देखना 
जब 
अच्छा लिखने लगेंगे 
खुद-ब-खुद 
हम छपने भी लगेंगे ?

2 comments:

सरिता भाटिया said...

नमस्कार !
आपकी इस प्रस्तुति की चर्चा कल सोमवार [28.10.2013]
चर्चामंच 1412 पर
कृपया पधार कर अनुग्रहित करें |
सादर
सरिता भाटिया

तुषार राज रस्तोगी said...
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