Monday, June 3, 2013

कट-पेस्ट ...

कृपया कुत्तों औ कुकुरमुत्तों में भेद बताओ तो 'उदय'
तनिक हम भी तो जानें, कौन कुत्ता औ कौन कुकुरमुत्ता है आज ?
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उनकी लेखनी में दम-ख़म न सही
पर, चमचों की झूठी वाह-वाहियों ने, उन्हें लेखक बना ही दिया 'है उदय' ?
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अब-जब, दिल-औ-जज्बात टूट ही गए हैं 'उदय'
फिर, क्या रक्खा है दिल के झूठे ख्यालातों में ?
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बड़े गुस्से में लग रहे हो मियाँ
सिर्फ जज्बात टूटे हैं, या दिल भी तोड़ दिया है उन्ने ?
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हमारी वाल से कट किया, औ अपनी वाल पे चेंप दिया
कुछ इस तरह उन्ने 'उदय', खूब वाह-वाही बटोरी है ??
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3 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

ऐसे ही कुछ भेद हम भी समझना चाहते हैं।

सरिता भाटिया said...

आपकी यह रचना कल बुधवार (05-06-2013) को ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

प्रतिभा सक्सेना said...

असली और नकली में अंतर करना बड़ा मुश्किल हो गया है -अक्सर तो परिभाषाएँ ही बदल जाती हैं