Sunday, October 23, 2011

कौन हूँ मैं ?

ये न पूंछो कि -
कौन हूँ मैं ?
चलते चलते, धीरे धीरे
निकल आया हूँ
तुमसे, बहुत दूर हूँ मैं !

ये तो खबर नहीं
कि -
कहाँ तक पहुंचा हूँ
पर, तय है
मंजिल के करीब हूँ मैं !

चले आओ, तुम भी
आँख मूंदकर
बेहिचक पीछे पीछे
मंजिल नहीं -
पर रस्ता जरुर हूँ मैं !!

2 comments:

संगीता पुरी said...

वाह ..
सपरिवार आपको दीपावली की शुभकामनाएं !!

अशोक बजाज said...

बहुत सुन्दर रचना .
धनतेरस व दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !