Thursday, July 29, 2010

मंहगाई-डायन !

नमक-मिर्ची
धनिया-टमाटर
रगड़-रगडा
पीसम-पीस

सिल-लोडा
घिसा-घिसी
तीखी-चटनी
गजब-स्वाद

ऊंगली-चाटम
आंसू-पकम
माटर- कम
मिर्ची-ज्यादम


चटनी-कम
चावल-ज्यादा
खाए-जात
मंहगाई-डायन !

7 comments:

arvind said...

चटनी-कम
चावल-ज्यादा
खाए-जात
मंहगाई-डायन !.....daayan kaa sahi charitra chitran.....badhai .

माधव said...

nice

kshama said...

Ye daayan to apne jeewan se kabhi wida hogi aisa lagta nahi!

ललित शर्मा said...

महंगाई डायन खाए जात है
सिल लोढा मा चटनी पिसात है।

जय हो

देवेश प्रताप said...

बहुत खूब ....

sandhyagupta said...

देखते हैं कब इसकी भूख मिटती है?

उठा पटक said...

bahut badhiyaa !