Sunday, May 2, 2010

काला धन (पार्ट - २)

काला धन क्या है ! काला धन से सीधा-सीधा तात्पर्य ऎसे धन से है जो व्यवहारिक रूप से सरकार व आयकर विभाग की नजर से छिपा हुआ है,यह भी धन तो है पर लेखा-जोखा में नहीं है यह बडे-बडे व्यापारियों, राजनेताओं, अधिकारियों, माफ़ियाओं व हवाला कारोबारियों की मुट्ठी में अघोषित रूप से बंद पडा है, इसे न सिर्फ़ व्यवहार में सार्वजनिक रूप से लिया जा सकता है और न ही इसका सार्वजनिक रूप से उपभोग किया जाना संभव है, पर इतना तय है कि इस कालेधन से काले कारनामों को निर्भिकतापूर्वक संपादित किया जा सकता है और लुक-छिप कर इसका भरपूर उपभोग संभव है।

कालेधन का कोई पैमाना नही है यह छोटी मात्रा अथवा बडे पैमाने पर हो सकता है, दूसरे शब्दों में हम यह कह सकते हैं कि जिन लोगों के पास ये धन है संभवत: उन्हें खुद भी इसकी मात्रा का ठीक-ठीक अनुमान न हो, कहने का तात्पर्य ये है कि सामान्यतौर पर इंसान कालेधन का ठीक से लेखा-जोखा नहीं रख पाता है, जाहिरा तौर पर वह कालाधन जो विदेशी बैंकों मे जमा है अथवा जो विदेशी कारोबारों में लगा है उसके ही आंकडे सही-सही मिल सकते हैं, पर जिन लोगों के पास ये घर, जमीन, बैंक लाकर्स व तिजोरियों में बंद पडा है उसका अनुमान लगा पाना बेहद कठिन है।

10 comments:

ललित शर्मा said...

काला धन काला ही रहेगा
चाहे निरमा या सुपररिन से धोया जाए।
गरीबों का खुन चूस कर जमा किया जाए।

honesty project democracy said...

यहाँ सब कुछ बनावटी और दिखावटी है,चाहे मुख्यमंत्री हो या परिवहन मंत्री / भ्रष्टाचार और मंत्रियों में पूरा-पूरा और खुलेआम संतुलन है / ऐसे में पैसे की तंगी ना बाबा ना !!!! माका नाका--------? अच्छी प्रस्तुती के लिए आपका धन्यवाद /

M VERMA said...

कालेपन का कितना भी उपभोग किया जाये पर काला तो काला ही रहेगा

राज भाटिय़ा said...

जेसे नजायज पानी घर मै घुस आये तो घर का सत्यानाश कर देता है, वेसे ही अगर काला पेसा घर मै आये तो वो पुरे खानदान का सत्यनाश कर देता है लेकिन धीरे धीरे.... राम बचाये इस काले धन से

Udan Tashtari said...

वाकई, है तो मुश्किल अनुमान लगा पाना..

arvind said...

bahut hi vyavahaarik our vicaarottejak lekh.kaalaa dhan to garibon our lachaaron ka chusa hua khun hai ise jama rakhne vale iswar ke prati aparaadhi hain.

praphulla said...

dhan kabhi kala nahihota.....

संजय भास्कर said...

मुश्किल है अनुमान लगा पाना..

Babli said...

बहुत ही कठिन है अनुमान लगा पाना पर मेरा ये मानना है कि आख़िर काला धन, काला ही होता है चाहे वो धन क्यूँ न हो!

anuragj said...

आप लोगों की क्या राय है ! कौन लोग होंगे काले धन के स्वामी ...मेरा जहाँ तक मानना है काले धन के स्वामी स्वयं ही सरकार चला रहे है जो सूचि कार्ट को सौपी गे है अभी उसमे भी असली नाम सामने नहीं आने वाला असली नाम तो स्विस बैंकों की सूची में है जो की बड़े राजनयिक ही होंगे