Sunday, May 2, 2010

"काला धन"

कालेधन का बोलबाला चारों ओर है ... कुछ लोग कालेधन से मौज कर रहे हैं ... तो कुछ लोग कालेधन के अभाव में उपेक्षित हैं ... काला धन .... काला धन ....काला धन ....

काला धन क्या है !

काला धन कहां से आता है !!

काला धन कैसे बनता है !!!

धन काला क्यों कहलाता है !!!!

क्या कालेधन को सफ़ेद किया जाना संभव है !!!!!

क्या कालेधन के खेल पर चर्चा-परिचर्चा जायज है !!!!!!

...... देखते हैं काले धन की लीला .... आप की अभिव्यक्ति / टिप्पणी / प्रतिक्रिया के साथ ... एक नये अंदाज में .... ब्रेक के बाद ....!!!!!!!

15 comments:

महफूज़ अली said...

काला धन क्या है !------: जिस पर टैक्स चोरी किया गया हो...

काला धन कहां से आता है !!------- : आप जब कोई सामान खरीदते हो और उसका बिल नहीं लेते हो तो वो काले धन में चला जाता है... क्यूंकि टैक्स हमेशा बिल पर ही लगता है... और भी बहुत से तरीके हैं... उसके लिए पूरी पोस्ट लिखनी पड़ेगी...

काला धन कैसे बनता है !!!---- : जवाब दूसरे सवाल में ही है.... इसके लिए भी पूरी पोस्ट लिखनी पड़ेगी...

धन काला क्यों कहलाता है !!!! -----: क्यूंकि ऐसे पैसे को आप बैंक में नहीं रख सकते... कहीं दिखा नहीं सकते... उसे अँधेरे में ही रखना पड़ता है इसीलिए इसे काला धन कहते हैं...इसके लिए भी पूरी पोस्ट लिखनी पड़ेगी...

क्या कालेधन को सफ़ेद किया जाना संभव है !!!!!------- :---- बिलकुल संभव है... वो सारे तरीके मुझे मालूम है... क्यूंकि मैं ख़ुद भी यही करता हूँ...और पूरे तरीके जानता हूँ.... काले को सफ़ेद में बदलना...

क्या कालेधन के खेल पर चर्चा-परिचर्चा जायज है !!!!!!-------:---- चर्चा कर के कोई फायदा नहीं होगा.... क्यूंकि हम और आप भी यही करते हैं... और रोज़ करते हैं.... TDS में कोई हेर-फेर मत करिए.... पौलिसिस ज़रूरत के हिसाब से लीजिये... हर सामान का बिल लीजिये और दीजिये....और भी बहुत सी चीज़ें हैं....इसके लिए भी पूरी पोस्ट लिखनी पड़ेगी...



मेरे पास इन सबका जवाब है.... क्यूंकि मैं इकोनोमिस्ट हूँ... इकोनोमिक्स का ही स्कॉलर हूँ....

महफूज़ अली said...

आपने तो मेरा महीने भर का कोटा पूरा कर दिया.... इतने सारे टॉपिक दे दिए लिखने के लिए... वो भी मेरे पसंदीदा.... और सब्जेक्ट से रिलेटेड .....

धन्यवाद....

दिलीप said...

har post ka besabri se intzaar rahega..kya pata kal main bhi kala dhan bana sakun

कविता रावत said...

महफूज जी ने काले धन की बहुत सुन्दर व्याख्या की है...
यह काला धन ईमानदार, गरीब, असहाय लोगों का खून पसीना है .....
हमारे देश में तो काले धन के परिभाषा ही बदल गयी है...
सब जगह यही सब तो चल रहा है द्रुतगति से .....
बहुत गंभीर चिंतन के जरुरत है इस पर ..............
चिंतनशील प्रस्तुति के लिए धन्यवाद

honesty project democracy said...

इस कविता का शीर्षक ही अपने आप में बहुत कुछ सोचने को मजबूर करती है / विचार करने को प्रेरित करने वाली इस कविता का स्वागत है / ऐसे ही सार्थकता से आगे बढिए /

'उदय' said...

...महफ़ूज भाई आपका सादर स्वागत है ... मिलते हैं ब्रेक के बाद ...!!!

राज भाटिय़ा said...

काला धन उसे कहते है जिसे दोनो हाथो से बेफ़जुल खर्च करने मै दुख ना हो, जिसे कमाने के लिये आदमी अपनी ही नजरो से सब से पहले गिरता है, बाकी महफ़ुज भाई ने बता ही दिया.

M VERMA said...

वास्तव में धन तो वही है बल्कि उसको धारण करने वाला ही काला है

Kulwant Happy said...

घूस लेते हुए पकड़े गए अफसरों के हाथ नीले होते हैं शायद..फिर काला धन क्या है? चलता तो बाजार में आम सा, फिर क्या धन क्या है?

Udan Tashtari said...

हम तो ठहरे चार्टड एकाउन्टेन्ट...काले को सफेद करने का ही धंधा है..इसलिए कुछ नहीं बोलेंगे. :) कौन रोज रोटी पर लात मारता है भला.

kshama said...

Mahfooz ji ne bilkul sahi jawab de diya hai!

ललित शर्मा said...

अरे भैया,
जब जरुरत है धन की तो सभी धन सफ़ेद ही है बस आना चाहिए, जब जरुरत से ज्यादा हो गया तो काला हो गया-(जुन्ना गे-त करिया होबे करही)ये दे छोटे से बात हे। गड़ियाए के नो हे,दींयार चर दी ही।

JHAROKHA said...

mahafuuj ji ne kale dhan ke baare bahut hi behatreen vykhya ki hai.aapne jo prashn uthaya hai vah behad chintaniya hai.mai bhi iske baare me sochati rahati hoon.
poonam

मनोज कुमार said...

काले मन से कमाया धन।

Gopal said...

thanks to all my dear friends for post