Monday, May 17, 2010

ब्रेकिंग न्यूज ... एक ब्लागर को केन्द्रीय मंत्रालय मिलने के आसार !!!

अभी-अभी विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि "ब्लागिरी" की बढती सक्रियता को देखते हुये कल दिल्ली के राजनैतिक गलियारों में काफ़ी चर्चा रही ... देर रात आपात बैठक आयोजित हुई जिसमें लगभग दो घंटे तक विचार विमर्ष के बाद यह निर्णय हुआ कि किसी एक "धुरंधर ब्लागर" को राज्यसभा की सदस्यता देते हुये सीधा मंत्रिमंडल में शामिल किया जाये ... मंत्रालय की बात पर यह तय हुआ कि संचार के क्षेत्र में बढ रही अनियमितताओं को देखते हुये "संचार मंत्रालय" का स्वतंत्र प्रभार दिया जाना उचित होगा ...

... समस्या ये आ गई कि किस "ब्लागर" को ये जिम्मा सौंपा जाये ... इस सिलसिले में आज राजनैतिक सलाहकारों ने अपने अपने अभिमत व्यक्त किये ... तीन ब्लागरों के नाम सुझाये गये जिसमें दिल्ली, उत्तरप्रदेश व छत्तीसगढ के एक एक धुरंधर ब्लागर के नाम सामने आये .... आधे घंटे की गुप्त चर्चा के बाद छत्तीसगढ के एक धुरंधर ब्लागर का नाम तय हुआ ... नाम तय होते ही सीधा फ़ोन से संपर्क साध कर छत्तीसगढ के धुरंधर ब्लागर को दिल्ली आमंत्रित किया गया है ...

... इस सिलसिले में नामांकित ब्लागर से टोह लेने का प्रयास किया गया जो अनभिज्ञता जाहिर करते नजर आये ... पर सूत्रों से यह स्पष्ट हुआ कि दिल्ली जाने के लिये तत्काल कोटे से रिजरवेशन करा लिया गया है और दिल्ली जाने की जोर-शोर से तैयारी चल रही है ... हमारी तो शुभकामनाएं उनके साथ हैं और आशा करते हैं शीघ्र ही यह खुशखबरी हकीकत का रूप ले ... संपूर्ण ब्लागजगत के लिये यह हर्ष की बात है ... जय जय ब्लागजगत ... जय जय छत्तीसगढ !!!
(निर्मल हास्य)

31 comments:

जी.के. अवधिया said...

बहुत ही प्रसन्नता की खबर सुनाई आपने तो उदय जी!

जय भारत! जय छत्तीसगढ़!

aarya said...

जय हो !

M VERMA said...

भई जरा सूत्रो के हवाले से बताएँ दिल्ली से कहीं मैं तो नहीं!! वैसे मैं यू पी से भी हो सकता हूँ - बनारस का रहने वाला जो हूँ

संजय कुमार चौरसिया said...

jay ho blogar-bandhuon ki

http://sanjaykuamr.blogspot.com/

arvind said...

jai blogging,...jai chhattisgarh.....jay bhaarat.

अजय कुमार झा said...

"तीन ब्लागरों के नाम सुझाये गये जिसमें दिल्ली, उत्तरप्रदेश व छत्तीसगढ के एक एक धुरंधर ब्लागर के नाम सामने आये .."


हाय मैं फ़िर रह गया , हिंदी के ब्लोग्गर के लिए भी कोई सीट है क्या ...मैं तो हिंदी का ब्लोग्गर हूं । जल्दी बताईये वर्ना ...चुनाव अधिकारी ...जलजला जी ...को सूचित करूंगा ।

अजय कुमार झा said...

"तीन ब्लागरों के नाम सुझाये गये जिसमें दिल्ली, उत्तरप्रदेश व छत्तीसगढ के एक एक धुरंधर ब्लागर के नाम सामने आये .."


हाय मैं फ़िर रह गया , हिंदी के ब्लोग्गर के लिए भी कोई सीट है क्या ...मैं तो हिंदी का ब्लोग्गर हूं । जल्दी बताईये वर्ना ...चुनाव अधिकारी ...जलजला जी ...को सूचित करूंगा ।

ललित शर्मा said...

उदय भैया,
राज्य सभा की सीट 36गढ से खाली हो रही है और फ़िर उस पर हक भी 36गढ वालों का है, लेकिन मुझे नही लगता कि 36गढ से कोई चुना जाए। इस सीट पर हिंग्लिश ब्लागर को ही चुना जाएगा, जिसकी हिन्डी-ईंगरेजी बरोबर होगी।

बोलते लिखते समय पता मत चले कि इन्गरेजी है कि हिन्डी।

जय हो बढिया सामयिक विषय चुनकर लाए हो

जोहार ले

Amitraghat said...

"धाँसू न्यूज़....आप के लगता है बहुत ऊँचे सम्पर्क हैं...आपसे मित्रता गाँठनी पढ़ेगी..."

Mithilesh dubey said...

अच्छी बात है ।

Udan Tashtari said...

एन आर आई कोटा वाले का बाहर कर दिये गये हैं...नाम तो चलवा देते. होना और नहीं होना तो बाद में देखा जाता. :)

'उदय' said...

...एक कुकुरमुत्ते की टिप्पणी असभ्य शब्दों के कारण हटा दिया हूं ...!!!!

डॉ टी एस दराल said...

ब्लोगिंग की जय हो ।

honesty project democracy said...

अच्छी ब्रेकिंग न्यूज़ / TRP सर्वोत्तम रहेगी / मेरी ओर से *****

अविनाश वाचस्पति said...

ललित शर्मा जी का दिल्‍ली में स्‍वागत है।

अविनाश वाचस्पति said...

संगीता पुरी जी भी स्‍वागत के लिए दिल्‍ली पहुंची हुई हैं।

Ratan Singh Shekhawat said...

अब राज समझ आया ललित जी का दिल्ली आने के प्रोग्राम का :)

jamos jhalla said...

शुबम ते शिगरम शिगरम शिगरम

Suman said...

nice

ताऊ रामपुरिया said...

ताऊ इस बार भी रह गया?:) बधाई!!!

रामराम.

राज भाटिय़ा said...

अरे एक टिकट मुझे भी भेजा है, फ़ास्ट्र कलास का ओर एक महीने के लिये फ़ाईव स्टार होटल मै डबल रुम, मुझे तो लिखा गया है कि एन आर आई कोटे से आप ओर एक ब्लांगर क्नाडा से ओर एक ब्लांगर होनोलूलू से है??? लेकिन हम ने मना कर दिया जब तक ३३% कोटा एन आर आई का पुरुषो का ओर ३३% एन आर आई महिलाओ का नही मिलता तब तक हम नही आयेगे...
जोर से बोलो एन आर आई कोटा जिन्दा वाद, ब्लांगर युनियन जिन्दा वाद

'उदय' said...

@ताऊ रामपुरिया
... ताऊ जी ... स्वागत है ... राम राम ...!!!

कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee said...

भाई यह भी साथ ही बता देते ना, कि केवल कोटा( ७०% आरक्षण)के लिए ही पदवी सुरक्षित हैं। क्योंकि केन्द्र की भरतियों में तो इसका भी ध्यान रखा जाता होगा भारत में ??.......

महफूज़ अली said...

कृपया मुझे सब लोग बधाई दें....

अविनाश वाचस्पति said...

जलजला ने माफी मांगी http://nukkadh.blogspot.com/2010/05/blog-post_601.html और जलजला गुजर गया।

Kumar Jaljala said...

लो आ गया जलजला (भाग एक)
वे ब्लागर जो मुझे टिप्पणी के तौर पर जगह दे रहे हैं उनका आभार. जो यह मानते हैं कि वे मुफ्त में मुझे प्रचार क्यों दें उनका भी आभार. भला एक बेनामी को प्रचार का कितना फायदा मिलेगा यह समझ से परे हैं.
मैंने अपने कमेंट का शीर्षक –लो आ गया जलजला रखा है। इसका यह मतलब तो बिल्कुल भी नहीं निकाला जाना चाहिए कि मैं किसी एकता को खंडित करने का प्रयास कर रहा हूं। मेरा ऐसा ध्येय न पहले था न भविष्य में कभी रहेगा.
ब्लाग जगत में पिछले कुछ दिनों से जो कुछ घट रहा है क्या उसके बाद आप सबको नहीं लगता है कि यह सब कुछ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा नहीं होने की वजह से हुआ है. आप अपने घर में बच्चों से तो यह जरूर कहेंगे कि बेटा अब की बार इस परीक्षा में यह नबंर लाना है उस परीक्षा को तुम्हे क्लीयर करना ही है लेकिन जब खुद की परीक्षा का सवाल आया तो सारे के सारे लोग फोन के जरिए एकजुट हो गए और पिल पड़े जलजला को पिलपिला बताने के लिए. बावजूद इसके जलजला को दुख नहीं है क्योंकि जलजला जानता है कि उसने अपने जीवन में कभी भी किसी स्त्री का दिल नहीं दुखाया है। जलजला स्त्री विरोधी नहीं है। अब यह मत कहने लग जाइएगा कि पुरस्कार की राशि को रखकर स्त्री जाति का अपमान किया गया है। कोई ज्ञानू बाबू किसी सक्रिय आदमी को नीचा दिखाकर आत्म उन्नति के मार्ग पर निकल जाता है तब आप लोग को बुरा नहीं लगता.आप लोग तब सिर्फ पोस्ट लिखते हैं और उसे यह नहीं बताते कि हम कानून के जानकार ब्लागरों के द्वारा उसे नोटिस भिजवा रहे हैं। क्या इसे आप अच्छा मानते हैं। यदि मैंने यह सोचा कि क्यों न एक प्रतिस्पर्धा से यह बात साबित की जाए कि महिला ब्लागरों में कौन सर्वश्रेष्ठ है तो क्या गलत किया है। क्या किसी को शालश्रीफल और नगद राशि के साथ प्रमाण देकर सम्मानित करना अपराध है।
यदि सम्मान करना अपराध है तो मैं यह अपराध बार-बार करना चाहूंगा.
ब्लागजगत को लोग सम्मान लेने के पक्षधर नहीं है तो देश में साहित्य, खेल से जुड़ी अनेक विभूतियां है उन्हें सम्मानित करके मुझे खुशी होगी क्योंकि-
दुनिया का कोई भी कानून यह नहीं कहता है कि आप लोगों का सम्मान न करें।
दुनिया का कानून यह भी नहीं कहता है कि आप अपना उपनाम लिखकर अच्छा लिख-पढ़ नहीं सकते हैं. आप लोग विद्धान लोग है मुंशी प्रेमचंद भी कभी नवाबराय के नाम से लिखते थे. देश में अब भी कई लेखक ऐसे हैं जिनका साहित्य़िक नाम कुछ और ही है। भला मैं बेनामी कैसे हो गया।

Kumar Jaljala said...

लो आ गया जलजला (भाग-दो)
आप सब लोगों से मैंने पहले ही निवेदन किया था कि यदि प्रतियोगिता को अच्छा प्रतिसाद मिला तो ठीक वरना प्रतियोगिता का विचार स्थगित किया जाएगा. यहां तो आज की तमाम एक जैसी संचालित पोस्टें देखकर तो लग रहा है कि शायद भाव को ठीक ढंग से समझा ही नहीं गया है. भला बताइए मेरी अपील में मैंने किस जगह पर अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया है.
बल्कि आप सबमें से कुछ की पोस्ट देखकर और उसमे आई टिप्पणी को देखकर तो मुझे लग रहा है कि आपने मेरे सम्मान के भाव को चकनाचूर बनाने का काम कर डाला है। किसी ने मेरा नाम जलजला देखकर यह सोच लिया कि मैं किस कौन का हूं। क्या दूसरी कौन का आदमी-आदमी नहीं होता है। बड़ी गंगा-जमुना तहजीब की बात करते हैं, एक आदमी यदि दाढ़ी रख लेता है तो आपकी नजर में काफिर हो जाता है क्या। जलजला नाम रखने से कोई ........ हो जाता है क्या। और हो भी जाता है तो क्या बुरा हो जाता है क्या। क्या जलजला एक देशद्रोही का नाम है क्या। क्या जलजला एक नक्सली है। एक महोदय तो लिखते हैं कि जलजला को जला डालो। एक लिखते हैं मैं पहले राहुल-वाहुल के नाम से लिखता था.. मैं फिरकापरस्त हूं। क्या जलजला जैसा नाम एक कौम विशेष का आदमी ही रख सकता है। यदि ऊर्दू हिन्दी की बहन है तो क्या एक बहन किसी हिन्दू आदमी को राखी नहीं बांध सकती.
फिर भी शैल मंजूषा अदा ने ललकारते हुए कहा है कि मैं जो कोई भी हूं सामने आ जाऊं। मैं कब कहा था कि मै सामने नहीं आना चाहता। (वैसे मैंने यहां देखा है कि जब मैं अपने असली नाम से लिखता हूं तो एक से बढ़कर एक सलाह देने वाले सामने आ जाते हैं, सब यही कहते हैं भाईजान आपसे यह उम्मीद नहीं थी, आप सबसे अलग है आप पचड़े में न पढ़े. अब अदाजी को ही लीजिए न पचड़े में न पड़ने की सलाह देते हुए ही उन्होंने ज्ञानू बाबू से लेकर अब तक कम से कम चार पोस्ट लिख डाली है)
जरा मेरी पूर्व में दिए गए कथन को याद करिए मैंने उसमे साफ कहा है कि 30 मई को स्पर्धा समाप्त होगी उस दिन जलजला का ब्लाग भी प्रकट होगा। ब्लाग का शुभारंभ भी मैं सम्मान की पोस्ट वाली खबर से ही करना चाहता था, लेकिन अब लगता है कि शायद ऐसा नहीं होगा. एक ब्लागर की मौत हो चुकी है समझ लीजिएगा.
अदाजी के लिए सिर्फ इतना कह सकता हूं कि मैं इंसान हूं.. बुरा इंसान नहीं हूं। (अदाजी मैंने तो पहले सिर्फ पांच नाम ही जोड़े थे लेकिन आपने ही आग्रह किया कि कुछ और नामों को शामिल कर लूं.. भला बताइए आपके आग्रह को मानकर मैंने कोई अपराध किया है क्या)
आप सभी बुद्धिमान है, विवेक रखते हैं जरा सोचिए देश की सबसे बड़ी साहित्यिक पत्रिका हंस और कथा देश कहानी प्रतियोगिताओं का आयोजन क्यों करती है। क्या इन प्रतियोगिताओं से कहानीकार छोटे-बड़े हो जाते हैं। क्या इंडियन आइडल की प्रतिस्पर्धा के चलते आशा भोंसले और उदित नारायण हनुमान जी के मंदिर के सामने ..काम देदे बाबा.. चिल्लाने लगे हैं।
दुनिया में किसी भी प्रतिस्पर्धा से प्रतिभाशाली लोग छोटे-बड़े नहीं होते वरन् वे अपने आपको आजमाते हैं और जब तक जिन्दगी है आजमाइश तो चलती रहनी है. कभी खुद से कभी दूसरों से. जो आजमाइश को अच्छा मानते है वह अपने आपको दूसरों से अच्छा खाना पकाकर भी आजमाते है और जिसे लगता है कि जैसा है वैसा ही ठीक है तो फिर क्या कहा जा सकता है.
कमेंट को सफाई न समझे. आपको मेरे प्रयास से दुख पहुंचा हो तो क्षमा चाहता हूं (ख्वाबों-ख्यालों वाली क्षमा नहीं)
आपकी एकता को मेरा सलाम
आपके जज्बे को मेरा नमन
मगर आपकी लेखनी को मेरा आहावान
एक पोस्ट इस शीर्षक पर भी जरूर लिखइगा
हम सबने जलजला को मिलकर मार डाला है.. महिला मोर्चा जिन्दाबाद
कानून के जानकारों द्वारा भेजे गई नोटिस की प्रतीक्षा करूंगा
आपका हमदर्द
कुमार जलजला

अविनाश वाचस्पति said...

आप मानें या न मानें
पर यह सच है कि
जलजला जलाने नहीं
जगाने आया है
आग लगाने नहीं
लगी हुई आग को
बुझाने आया है
http://jhhakajhhaktimes.blogspot.com/2010/05/blog-post_18.html

Akhtar Khan Akela said...

uday bhyya ji aadaab hmaari ishvr se kaamnaa he ke aap khubsurt blog likhne vaale ko hi raajysbhaa men liyaa jaaye taaki hm log mehfooz reh sken shukriyaa. akhtar khan akela kota rajasthan

Shah Nawaz said...

बहुत ही प्रसन्नता की खबर सुनाई आपने तो उदय जी!

जय भारत! जय छत्तीसगढ़!

+ 1

kunwarji's said...

ब्लॉग जगत में हरियाणे का योगदान कम सरहानीय नहीं है!और ये भेदभाव कि इस सूचि में हरियाणे का कहीं नाम तक भी नहीं!हम इसे एक षड्यंत्र घोषित कर इसके विरुद्ध आन्दोलन करेंगे,हड़ताल करेंगे!अरे हरियाणवी माणस तो अपने प्रदेश का नाम देख कर ही खुश हो जाता!मंत्री पद को तो यूँ ही औरो के लिए छोड़ देता....

ज्यादा तो नहीं हो गया.....?

वैसे ब्लॉगजगत में हड़ताल कैसे की जायेगी?

कुंवर जी,