Wednesday, May 12, 2010

ब्लाग-दुनिया !!

झूमा-झटकी
पटका-पटकी
गुत्थम-गुत्था
खेल-कबड्डी

मौज-मस्ती
ढोल-नगाडे
गिल्ली-डंडा
गली-मोहल्ले

चौके-छक्के
गुगली-यार्कर
टेस्ट-वन्डे
टवेंटी-टवेंटी

नौंक-झौंक
टीका-टिप्पणी
नामी-बेनामी
चिट्ठे-चर्चे

गीत-गजल
कविता-कहानी
हास्य-व्यंग्य
ब्लाग-दुनिया !!

25 comments:

Udan Tashtari said...

हा हा!

मस्त!



एक विनम्र अपील:

कृपया किसी के प्रति कोई गलत धारणा न बनायें.

शायद लेखक की कुछ मजबूरियाँ होंगी, उन्हें क्षमा करते हुए अपने आसपास इस वजह से उठ रहे विवादों को नजर अंदाज कर निस्वार्थ हिन्दी की सेवा करते रहें, यही समय की मांग है.

हिन्दी के प्रचार एवं प्रसार में आपका योगदान अनुकरणीय है, साधुवाद एवं अनेक शुभकामनाएँ.

-समीर लाल ’समीर’

राजभाषा हिंदी said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति।

राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

सही आकलन!

ललित शर्मा said...

आप कविता में कुछ नया प्रयोग कर रहे हैं।
लगता है कुछ नया ही गढकर मानेंगे जहांपनाह

मुझे एक शेर याद आ रहा है

पैदा न जमीं से नया आसमां कोई
मुझे डर लगता है आपकी रफ़्तार देखकर

बहुत बढिया

M VERMA said...

सच तो यही है
यह शैली पसन्द आयी

रश्मि प्रभा... said...

yah padhti kuch alag si , jaandaar hai

महेन्द्र मिश्र said...

वाह गजब का लिखा है .....बल्ले बल्ले आनंद आ गया ...

लोकेश Lokesh said...

मस्त है जी!

नरेश सोनी said...

हा..हा..हा...

मजा आ गया।

नरेश सोनी said...

अटका-मटका
दही चटाका

नरेश सोनी said...

लौआ-लाटा
बन में काटा

नरेश सोनी said...

अरे भाई, कहां से निकालते हो ऐसे सटीक शब्द।
मेरे ख्याल से यह आपकी तीसरी कविता है।
तीनों एक से बढ़कर एक।

नरेश सोनी said...

ऐसे ही लिखते रहें। गंदे हो रहे तमाम हालातों के बीच कहीं ऐसी मजेदार चीजें भी तो पढ़ने तो मिलनी चाहिए।

kshama said...

Wah,wah! Padhtehi tazagi mehsoos hui!

arvind said...

गीत-गजल
कविता-कहानी
हास्य-व्यंग्य
ब्लाग-दुनिया ...हा..हा..हा...,सही आकलन,अच्छी प्रस्तुति।

vikas said...

काम शब्दों में सब कुछ व्यक्त कर दिया आपने,काबिले तारीफ...सच कहा आपने यही है ब्लॉग दुनिया..

ये ब्लॉग ही है जिस कारण हम सब यहाँ एकजुट हैं.आभार


VIKAS PANDEY

www.vicharokadarpan.blogspot.com

संजय भास्कर said...

किस खूबसूरती से लिखा है आपने। मुँह से वाह निकल गया पढते ही।

राजकुमार सोनी said...

अच्छा है। तीखा है और तेजधार है।
बचना ये हसीनों.. लो मैं आ गया टाइप का है।

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari said...

अर्थपूर्ण परिपूर्ण चतुष्‍पदम हाईकू के लिए धन्‍यवाद उदय जी.

डॉ टी एस दराल said...

वाह , बिलकुल अलग अंदाज़ में ।

jamos jhalla said...

बहुत अच्छे भई बहुत ही अच्छे |

Akhtar Khan Akela said...

shyaam ji aadaam kuch ginti ke alfaazon men puri duniyaa smet kr rkhne kaa hunr sirf aapne sikhaaa he bdhaai ho . akhtar khan akela kota rajasthan

Mrs. Asha Joglekar said...

पूरे ब्लॉग जगत का सार बता दिया इस छोटी सी कविता में । भई वाह ।

माधव said...

nice


http://madhavrai.blogspot.com/
http://qsba.blogspot.com/

सूर्यकान्त गुप्ता said...

बहुत ही सुन्दर! शार्ट कट मेथड्। सभी बातें मन की शामिल कर ली जावे। बधाई।