Thursday, April 22, 2010

.... ब्लागर एक "अंतर्राष्ट्रिय पत्रकार" है !

ब्लागजगत में जो लेखन कार्य युद्ध-स्तर पर चल रहा है लेख, कविता, कहानी, हास्य-व्यंग्य, कार्टून, चर्चा-परिचर्चा, गुफ़्त-गूं, क्रिया-प्रतिक्रिया, यह सभी समाचार के हिस्से हैं इन सभी के समावेश से "समाचार पत्र व पत्रिकाएं" साकार रूप लेती हैं .... "ब्लागजत" पर लेखन को मात्र शौक-पूर्ति नहीं कहा जा सकता यह एक "अंतर्राष्टिय मंच" है .... "अंतर्राष्टिय पत्रकारिता" है ....

... यह सर्वविदित सत्य है कि आये-दिन ब्लागजगत के लेख इत्यादि "प्रिंट मीडिया" में समावेश हो रहे हैं कभी-कभी तो ब्लागिंग "इलेक्ट्रानिक मीडिया" में सुर्खियों का विषय रहा है .... इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि आने वाले समय में ब्लागजगत "अंतर्राष्टिय पत्रकारिता" का मजबूत स्तंभ होगा .... इसका खुद का अपना एक "संघठन" होगा और सभी ब्लागर "सदस्य" होंगे, जो "अंतर्राष्ट्रिय पत्रकार" के नाम से जाने जायेंगे ...

..... मेरा मानना तो ये है कि अभी से ब्लागजगत के नामचीन ब्लागर मिलकर इस दिशा में सार्थक पहल करते हुये साकार रूप देने के लिये रूप-रेखा तैयार करें .... क्यॊंकि देरे-सबेर यह कार्य तो होना ही है फ़िर आज से क्यॊं नहीं ... "अंतर्राष्टिय पत्रकारिता" का एक "डिजाईन" तैयार होते ही, बुनियादि कार्य में हर एक "ब्लागर" अपनी सारी "ऊर्जा" लगा देगा .... ब्लागजत में स्थापित मेरे साथियों कदम बढाओ "अंतर्राष्टिय पत्रकारिता" का ढांचा तैयार करो ... इमारत तो बना ही लेंगे .... आज मैं इस मंच से एक ऎसा "कडुवा सच" बयां कर रहा हूं जो सिर्फ़ "कडुवा" ही नहीं वरन "मीठा" भी है .... ब्लागर एक "अंतर्राष्ट्रिय पत्रकार" है !

15 comments:

honesty project democracy said...

बहुत ही अच्छा विचार है / अच्छी विवेचना के साथ प्रस्तुती के लिए धन्यवाद / मैं तो कहता हु ब्लॉग सामानांतर मिडिया के रूप में उभर कर इस देश में वैचारिक क्रांति का सबसे बड़ा वाहक बनकर इस देश में बदलाव जरूर लायेगा / बस जरूरत है एकजुट होकर सच्ची इक्षा शक्ति से प्रयास करने की /आपको मैं जनता के प्रश्न काल के लिए संसद में दो महीने आरक्षित होना चाहिए इस विषय पर बहुमूल्य विचार रखने के लिए आमंत्रित करता हूँ /आशा है देश हित के इस विषय पर आप अपना विचार जरूर रखेंगे / अपने विचारों को लिखने के लिए निचे लिखे हमारे लिंक पर जाये /उम्दा विचारों को सम्मानित करने की भी व्यवस्था है /
http://honestyprojectrealdemocracy.blogspot.com/2010/04/blog-post_16.html

Kulwant Happy said...

बिल्कुल सहमत हूँ आपसे

vikas mehta said...

achhe vichar
http://mehtablogspotcom.blogspot.com/

Udan Tashtari said...

मीठा ही कहलाया!! :)

संगीता पुरी said...

सही कह रहे हैं आप !!

girish pankaj said...

achchha dimaag daudaayaa. sach baat hai.blog to globel hi hai to isame likhane vaalaa antararaastriy patrkaar ho hi gayaa. lekin log apne naam ke saath likhanaa n shuroo kar de.yah halkapan hogaa. bus ham antararaastriy hai to hai. achchhi soch ke liye badhai.

arvind said...

bilkul sahi udayji.is bar aap ek meetha sach kah gaye.dhanybaad.shaayed antaraastriy patrakaarita ki suruaat ho chuki hai.media ke anya vidhaao se behtar to blogging ho hi raha hai....subhakaamanaaye.

नरेश सोनी said...

कोरी जी, हम आपके साथ हैं।

संजय भास्कर said...

अच्छी प्रस्तुती के लिए धन्यवाद

sandhyagupta said...

"ब्लागजत" पर लेखन को मात्र शौक-पूर्ति नहीं कहा जा सकता यह एक "अंतर्राष्टिय मंच" है ....

Aapki baat sahi hai.

M VERMA said...

वाकई यह एक अंतर्राष्टीय मंच है

मनोज कुमार said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति। लगन और योग्यता एक साथ मिलें तो निश्चय ही एक अंतर्राष्टीय मंच का जन्म होगा।

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर
धन्यवाद

ललित शर्मा said...

बहुत बढिया-सही कहा आपने।
लेकिन लोग इसके महत्व को समझ नहीं रहे हैं।

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari said...

आपके विचारों से हम भी सहमत है.