Sunday, February 15, 2009

बोल-अनमोल

“मनुष्य स्वतंत्र नही है क्योंकि वह हर क्षण नैसर्गिक कर्तव्यों व उत्तरदायित्वों के बंधन में जकडा हुआ है।”

8 comments:

हरि said...

अब तो सीधे आपकी साइट पर ही चले जाय करेंगे। बधाई हो आपको।

राज भाटिय़ा said...

बहुत ही अच्छी बात बताई
धन्यवाद

प्रेम सागर सिंह said...

अच्छी बातों का भंडार हैं।

Shamikh Faraz said...

bahut khub jankari hai yah. agar kabhi aapko waqt mile to mera blog bhi dekhen.
www.salaamzindadili.blogspot.com

Harkirat Haqeer said...

मनुष्य स्वतंत्र नही है क्योंकि वह हर क्षण नैसर्गिक कर्तव्यों व उत्तरदायित्वों के बंधन में जकडा हुआ है।”

kartabya aur uttardayiton me bhi to aadmi pis jata....!!

Aarjav said...

"नैसर्गिक कर्तव्यों व उत्तरदायित्वों"
पूरी बात ही ख़त्म हो गयी इतने में ! धन्यवाद !

Abhishek said...

सही कहा है आपने.

प्रदीप मानोरिया said...

सुंदर और यथार्थ