Tuesday, March 15, 2016

भारत माँ की जय ...

भारत माँ की जय
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इसकी माँ की ... उसकी माँ की ... भारत माँ की ...
तुम जय मत बोलो,

गर ... जय बोलो तो
खुद की बोलो
पर ! खुद की जय-जयकार नहीं कोई सुनने वाला
तुम ! ये मत भूलो !!

तुम चमचे हो, या किसी के गमछे हो
कहाँ बैठे हो, कहाँ लटके हो
ज़रा खुद को देखो,

गंद-सड़ान जुबां पे लेकर
तंग गलियों से मन को लेकर
तुम कितनी दूर चलोगे बोलो
अरे ! कुछ तो बोलो !!

गर ! दिल-दिमाग गुलज़ार न हों
तब हम से बोलो
एक बार तुम दिल से
भारत माँ की जय तो बोलो !!

~ श्याम कोरी 'उदय'

1 comment:

राकेश कौशिक said...

भारत माँ की जय तो बोलो