Tuesday, February 5, 2013

गठजोड़ ...


वजह कुछ भी नहीं थी, .................. बेवफाई की 
समय की मार तो देखो, हम उनसे मिल नहीं पाए ? 
... 
बड़ी सफाई से, उन्ने अपना इल्जाम हमपे मढ़ दिया है 
फिर भी, न जाने क्यूँ... वे छिपते-छिपाते फिर रहे हैं ?
... 
हिट होने के,... फार्मूले तो बहुत हैं 'उदय' 
बस, उन्हें आजमाने का जी नहीं करता ?
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अपनी तो बस 'उदय',......... दिल्ली वालों से होड़ है 
क्योंकि, कदम-कदम पे उनका आपस में गठजोड़ है ?
... 
जब उन्हें परवाह नहीं है, तो हमें शिकवा नहीं है 
होने दो, मुहब्बत में... हमें बदनाम अब यारा ?
... 
हम तो,...... जन्मजात...... इंकलाबी हैं 'उदय' 
किन्तु, जिंदाबाद-जिंदाबाद हमारा नारा नहीं है ?

3 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

हिट होने की होड़ में साबुत बचा न कोय।

KARTIKEY RAJ said...
This comment has been removed by the author.
KARTIKEY RAJ said...

badhiya likha hai aapne sir........