Sunday, March 4, 2012

दौड़ ...

ये दौड़ गधों की है, या घोड़ों की
किसे क्या फर्क पड़ता है
पर हाँ, यदि तुम्हें जीतना है, तो ...
तुम्हें दौड़ना ही होगा
नहीं तो
चुपचाप तालियाँ बजाते रहो
तुम्हारा यह कहना
तर्कसंगत, तर्कपूर्ण नहीं है
कि -
दौड़ ...
घोड़ों की है और गधे जीत रहे हैं !!

2 comments:

चन्दन भारत said...

बहुत सही कहा है आपने कहने से कुछ नही होगा| जीतने के लिए तो दौडना हि होगा|

प्रवीण पाण्डेय said...

हा हा हा, गहरा कटाक्ष..