Tuesday, March 13, 2012

जिंदगी ...

उसने कह तो दिया था कि मयकदे में शराब उसकी है
न जाने क्या हुआ, कि हम अपनी समझ के पी गए !!
...
सच ! तेरे संग, कदम कदम पे मौत के साये हैं
पर, तेरे बगैर, जिंदगी, जिंदगी भी तो नहीं !!!

2 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

बेहतरीन..

प्रतीक माहेश्वरी said...

वाह वाह! क्या बेहतरीन पंक्तियाँ हैं!