Tuesday, July 5, 2011

... "राज करो तो मिल बाँट कर करो" !!

शैतानों ने भी खूब नाम कमाया है 'उदय'
कोई लगते जिगर होकर भी बदनाम है !
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कभी थके, तो कभी बुझे बुझे से फिरा करते थे
सच ! अब घर कहाँ, सारा जहां हमारा है !!
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रकीबों तक को है खबर जालिम, तुम्हें हम चाहते हैं
नहीं है तो खबर तुमको, वरना कहां चर्चा नहीं होती !

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दुम अगर होती, तो टेढ़ी कैसे होती
सच ! जब है तो, टेढ़ी तो होना ही है !!
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कातिलों का शहर है, लोग दबी दबी सी जुबां रखते हैं
उफ़ ! कोई कुछ पूंछ बैठे, बस यही दुआ करते हैं !!
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चिंगारी देख, हुक्मरानों की नींद उड़ सी गई है 'उदय'
खौफ का साया है, सियासतें थर-थरा रही हैं आज !!
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फूट डालो और राज करो की नीति पुरानी हुई है 'उदय'
अब नया दौर है, "राज करो तो मिल बाँट कर करो" !!

2 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

....जारी आहे

knkayastha said...

बढिया है भाई...