Tuesday, April 5, 2011

सूतम-सूत !!

खुजा-खुजा
उठा-उठा
पंदौली-पंदौली
भाई-भतीजा !
लादम-लादी
लाग
-लपेटी
थपका
-थपकी
लूटम
-लूट !
गर्र गर्र गर्राए हैं
रस
-मलाई
सूत
रहे हैं
सूतम
-सूत !!

7 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

रस मलाई सूतम सूत।

Shyam Bihari Shyamal said...

JEEVANT RACHANA! BADHAI...

शिवकुमार ( शिवा) said...

अच्छी रचना

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

रस मलाई है तो सूतमसूत तो होगी ही..

अरूण साथी said...

समझ नहीं आया।

रूप said...

sutm-sut...lootm-lut. bnt rhi hai rewdi. leja ise jhullam-jhul...!

रूप said...

sutm-sut...lootm-lut. bnt rhi hai rewdi. leja ise jhullam-jhul...!