Sunday, October 31, 2010

सन्देश

दीवाली में दीप जलाएं
द्वारे-द्वारे फूल सजाएं
आँगन आँगन रंग बिछाएं
चलो चलें हम 'दीप' बने,
और खुशी का गीत बनें
गाँव, शहर, प्रदेश, देश में
विकास का सन्देश बनें !

9 comments:

मनोज कुमार said...

हर चेहरे पर हंसी खुशी धरें।

M VERMA said...

सुन्दर सन्देश .. आमीन

ZEAL said...

.

गाँव, शहर, प्रदेश, देश में
विकास का सन्देश बनें !

Beautiful message

!

Sunil Kumar said...

सन्देश देती हुई सुंदर रचना ,बधाई

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

ये लाइनें तो कोई पार्टी चुरा लेगी..

प्रवीण पाण्डेय said...

बहुत सुन्दर भाव व्यक्त करती पंक्तियाँ।

संजय भास्कर said...

कम शब्दों में बहुत सुन्दर........ सन्देश

राज भाटिय़ा said...

सुंदर संदेश जी धन्यवाद

kshama said...

Behad sundar sandesh! Diwali kee anek shubhkamnayen!