Wednesday, October 20, 2010

ब्लॉग चटा-चट ... गुरु-चेला !

चेला - भईय्या आप ब्लागजगत के नामी, गिरामी, धुरंधर ब्लॉगर हो ... पर मैं देखता हूँ की आप ब्लागजगत के उभरते ब्लागर्स की पोस्ट पर टिप्पणी करते ही नहीं हो वहीं दूसरी ओर कुछेक ब्लॉग की सड़ी-गली पोस्टों पर भी खूब वाह-वाही ठोक देते हो !
गुरु - ये अपुन का स्टाईल है बिडू ... इसलिए ही तो लोग अपुन को धुरंधर ब्लॉगर मानते हैं !

चेला - वाह भईय्या वाह मानना पडेगा आपके स्टाईल को ... पर भईय्या आपके ब्लॉग पोस्ट को पढ़ने वालों की संख्या दिन--दिन घटते जा रही है फिर भी आप टाप लिस्ट में ऊपर बने हुए हैं ... राज क्या है !
गुरु - अबे चिरकुट ये भी अपुन का स्टाईल है .... अगर कोई पढ़ने नहीं आयेगा और ही टिप्पणी ठोकेगा फिर भी अपुन टाप पर रहेगा ... समझा की नहीं समझा ... अब तू शागिर्दगी में ही गया है तो एक दिन तुझे भी यह राज गिफ्ट कर दूंगा ... हा हा हा !

17 comments:

Anjana (Gudia) said...

:-)

ललित शर्मा said...

जय छत्तीसगढ

Udan Tashtari said...

ये भी अपुन का स्टाईल है ..:)

डॉ टी एस दराल said...

टॉप पर बने रहो भैया । राज़ को राज़ रहने दो ।

Suman said...

nice

Apanatva said...

dr sahib se sahmat.....

khush rahiye.

"अभियान भारतीय" said...

सार्थक एवं प्रभावी लेखन के लिए बधाई एवं आभार.......

mahendra verma said...

raj ko raj rahne do

AlbelaKhatri.com said...

ha ha ha

arvind said...

ha ha ha ha ...very nice.

सुज्ञ said...

सार्थक तो अपुन के लिये तब होगा जब (क्या बोलता है)हां, वो राज जान जायेगा।

प्रवीण पाण्डेय said...

बहुत खूब।

मनोज कुमार said...

बढिया कहा है... गुरु!:)

वन्दना said...

ये भी खूब कही।
आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
कल (22/10/2010) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
अवगत कराइयेगा।
http://charchamanch.blogspot.com

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

उदय भैया, छा गये आप, सचमुच।

महेन्द्र मिश्र said...

नुस्का अच्छा बताया ... हा हा हा

अशोक बजाज said...

बहुत अच्छा पोस्ट !