Wednesday, August 25, 2010

हाल-ए-वतन

नक्सलियों -
ने कत्ले-आम,
तो आतंकियों ने -
धमाकों से
गाँव-गाँव,
शहर-शहर को
खून से -
लत-पथ कर दिया

रही-सही कसर को
भ्रष्टाचारियों
ने -
पूरा कर दिया
आम इंसान का
अपने ही
मुल्क
में -
जीना दूभर कर दिया

4 comments:

arvind said...

आम इंसान का अपने ही
मुल्क में जीना दूभर कर दिया।....बिल्कुल जायज बात कही है आपने......आभार.

kshama said...

Ye sabhi aam insanon me se hee paida hue hain! Hamari ye zahniyat hai,ki,jab tak hamare gharko aag nahi lagti,tab tak pardukh: sheetal!Aam aadami kee balaa se ,chahe pados me bahuko jalake maar diya jaye!

राज भाटिय़ा said...

भ्रष्टाचारियों को मोत आ जाये देश अपने आप सुधर जायेगा

संजय भास्कर said...

बहुत दिनों बाद आपके ब्लॉग पार आना हुआ