Tuesday, July 20, 2010

... लगता है हमारे बडे भईय्या श्री अरविंद मिश्रा जी पूर्वाग्रह से ग्रस्त हो गये हैं !!!

... लगता है हमारे बडे भईय्या श्री अरविंद मिश्रा जी पूर्वाग्रह से ग्रस्त हो गये हैं तब ही तो उन्होंने मेरी पिछली पोस्ट पर यह टिप्पणी दर्ज की है ... देखिये आप स्वयं देखिये उनकी टिप्पणी ... हू-व-हू इस प्रकार है :-

Arvind Mishra said...

वाह ,अग्रिम बधाईयाँ -ये वही वाली है ना ?स्खलन !पुस्तक निश्चित ही जोरदार होनी चाहिए -मेरी एक प्रति अडवांस बुक कर दें

...यहां मैं सिर्फ़ इतनी ही चर्चा करुंगा कि मेरी यह पोस्ट एक धुरंधर ब्लागर की आने वाली पुस्तक के "विमोचन" के संदर्भ में थी जिसमें "स्खलन" विषय की कोई चर्चा ही नहीं थी यकीन न हो तो आप स्वयं पिछली पोस्ट देख सकते हैं ... मुझे तो यह लग रहा है कि हमारे बडे भईय्या कहीं पूर्वाग्रह से ग्रस्त तो नहीं हो गये हैं ... नहीं, नहीं ऎसा नहीं हो सकता शायद जल्दवाजी में यह टिप्पणी हो गई होगी ... क्योंकि वो "ओवर-आल" हमारे बडे भईय्या हैं !

4 comments:

गिरीश बिल्लोरे said...

बहुट हाट टिपियाते हैं ये बड़के जी

Mithilesh dubey said...

shant-shant, etni jaldi reaction karna acchi bat nahi

ललित शर्मा said...

शांत गदाधारी शांत
शायद कोई गलतफ़हमी हो गयी है।

मिस अंडर स्टैंडिग

Arvind Mishra said...

http://kaduvasach.blogspot.com/2010/07/blog-post_08.html
वैसे मैंने एक खुबसूरत महिला से उसकी जुबानी जीवन की सच्चाई सुनी है वह महिला बीच में कुछ समय वैश्याव्रत्ति भी कर चुकी है ... मैं उसकी जीवनी पर एक पुस्तक लिख रहा हूं ... उससे चर्चा उपरांत मिली जानकारी के आधार पर तथा उसके मनोभावों को पढने के आधार पर यह रचना लिखी गई है ... कुछ सत्य-असत्य हो सकता है ...!!!

छोटे भैया ,यह आपकी उक्त ब्लॉग पर टिप्पणी के क्रम में लगा की आपकी किताब आ रही है सो जिज्ञासा रुक नहीं सकी ...
गलतफहमी के लिए दुःख है और क्षमाप्रार्थी हूँ !