Friday, June 18, 2010

... तो ठीक है बंद हो जाये ब्लागवाणी !!!

ब्लागवाणी के बंद होने से ब्लागिंग बंद नहीं हो जायेगी ... ब्लागिंग बंद होनी भी नहीं चाहिये ... होने दो बंद ब्लागवाणी को ... आखिर बुराई ही क्या है जब वह अपने अव्यवहारिक पसंद/नापसंद के चटके को बंद नहीं कर सकती तो ... बंद होना ही ठीक है ... पर कुछ लोग तेल लगाने लग गये होंगे ... कुछ हाथ-पैर भी जोड रहे होंगे ... कुछ दूसरे ब्लागर जो ब्लागवाणी की बैंड बजाने पर तुले हुए थे उनकी तरफ़ से माफ़ी भी मांग रहे होंगे ... ज्यादातर बुद्धिजीवियों का मत रहा है कि इन एग्रीगेटर पर चढ-उतर रही पोस्टों पर ध्यान मत दो ... कौन ऊपर है और नीचे है टाप ब्लागिंग में उस पर भी ध्यान मत दो ... तो ठीक है बंद हो जाये ब्लागवाणी !!! ... ऎसे सिस्टम की जरुरत ही क्या है जो साहित्यिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार को जन्म दे रहा हो ... पर इतना तो तय है कि कुछ लोगों की दम ही उखड रही होगी ... यदि ब्लागवाणी स्वंय के अनियमित व अव्यवहारिक सिस्टम को सुधार कर आये तो स्वागत है अन्यथा बंद ही हो जाये तो ठीक है ... बहुत से अग्रीगेटर हैं और नये आ भी रहे हैं ... पर भ्रष्टाचार बरदास्त नहीं होगा ... जय जय ब्लागिंग !!!

11 comments:

kshama said...

Pasand/napasand ke chatkhe...yah kyon ,yah baat waqayi samajh nahi aati!

वन्दना said...

baat mein to dam hai.

ज्ञान said...

यह सच है कि ब्लागवाणी अपनी आलोचना नहीं सह पाता।इसका जनम ही विवादों के कारण हुआ था,इसका अंत भी विवादों के साथ होगा।कई बार यह नखरे दिखा चुका है।गलती इनकी खुद की रहती है दोष हमारे आपके ब्लॉगर के जिम्मे मढ़ दिया जाता है जैसा कि पहले पसंद के मामले में हुया था देखिये http://murakhkagyan.blogspot.com/2009/09/blog-post.html
बजाये सिस्टम सुधारने के,उसके बाद ही यह नापसंद का खेल शुरू किया गया
इसे रोक देने की एक रणनीति भी हो सकती है सहानूभूति बटोरने की
यही ढोल पीटा जायेगा कि देखो हम तो हिंदी की सेवा कर रहे और कुछ लोग इसे बदनाम कर रहे
अपने गिरेबां में झांकने को कह दिया तो आपके कपड़े फाड़ देंगे यह
अच्छा है बंद ही हो जाये।ब्लागरों में दुश्मनी भी फैल रही इनके कारण।

Ashish Shrivastava said...

Why dont you stop blogging ?

Ashish Shrivastava said...

Why dont you stop blogging ?

'उदय' said...

@Ashish Shrivastava
.... आपकी सलाह पर स्टार्ट किया था इसलिये आपकी सलाह का इंतजार कर रहा था ....!!!!

राज भाटिय़ा said...

चलिये देखे कब आती है दोवारा

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari said...

जय जय ब्लागिंग !!!

ललित शर्मा said...

अब कुछ मीठा-सच भी हो जाए

Shah Nawaz said...

बेहतरीन :-) बहुत खूब!


आप पढ़िए:

चर्चा-ए-ब्लॉगवाणी

चर्चा-ए-ब्लॉगवाणी
बड़ी दूर तक गया।
लगता है जैसे अपना
कोई छूट सा गया।

कल 'ख्वाहिशे ऐसी' ने
ख्वाहिश छीन ली सबकी।
लेख मेरा हॉट होगा
दे दूंगा सबको पटकी।

सपना हमारा आज
फिर यह टूट गया है।
उदास हैं हम
मौका हमसे छूट गया है..........





पूरी हास्य-कविता पढने के लिए निम्न लिंक पर चटका लगाएं:

http://premras.blogspot.com

संजय भास्कर said...

बेहतरीन .......... बहुत खूब!