Tuesday, June 1, 2010

...... अदभुत !!!

12 comments:

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

इसमें अद्भुत क्या है भाई....

राजकुमार सोनी said...

विचारणीय पोस्ट है। जेब्रा के ऊपर जिराफ भी चढ सकता था। अदभूत तो है।
लेकिन मुझे इस पोस्ट का एक पक्ष यह भी नजर आता है कि कोई कितना भी ऊंचे आदमी के कंधे पर चढ़कर अपने आपको ऊंचा बताने की कोशिश करेगा वह दिखेगा छोटा ही।

माधव said...

ये तस्वीर एक भ्रम है यहाँ जेब्रा जिराफ के ऊपर नही चढ़ा है बल्कि जिराफ ने जेब्रा को उठा रखा है पटकनी देने के लिए, ऐसे सीन डिस्कवरी में आते है

Rajey Sha said...

iiiellllll!!???

arvind said...

kabhi haathi par naav to kabhi naav par haathi.......ye to prakriti kaa niyam hai.

मनोज कुमार said...

ग़ज़ब!!!

ललित शर्मा said...

लेकिन ये जेब्रा उपर चढा कैसे?
दो चार सिपाही भेज कर पता लगाएं।

अद्भुत है अद्भुत

डॉ टी एस दराल said...

मुझे तो ये मोर्फ्ड लगता है ।
पर है अद्भुत ।

सूर्यकान्त गुप्ता said...

पहले तो मै समझा खाली डेश बोर्ड मे शीर्षक देखकर जरूर टिप्पणी मे प्रयुक्त होने वाले शब्द "अद्भुत" के ऊपर होगी रचना। मगर यहाँ तो ज़िराफ के ऊपर जेब्रा है। श्री राजकुमारजी की टिप्पणी का समर्थन करता हूँ।

गिरीश बिल्लोरे said...

देखिये देखिये उतरने में कित्ता घबरा रिया है ससुरा
फ़िर चढ़ा ही क्यों...?
किसी पंडत को बुलवाओ भविष्य बताएगा ज़ेब्रा का

राजेन्द्र मीणा said...

पोस्ट शीर्षक की सार्थकता का प्रमाण है ...रोचक !!

Shekhar Kumawat said...

waqy me sahi kaha he aap ne adbhud hi he




bahut achha laga dekh kar

bahut khub

http://kavyawani.blogspot.com/