Wednesday, May 19, 2010

शब्द नहीं चित्र !!!


18 comments:

निशांत मिश्र - Nishant Mishra said...

बिहार की ट्रेन है शायद.

Kumar Jaljala said...

पता नहीं कौन इस रेलगाड़ी को किस नजरिए से देखता है मुझे लगता है कि यह रेलगाड़ी ही ब्लागजगत है। जिसमें तमाम अच्छा लिखने वाले अंदर फंसे हुए हैं, और चोर-उच्चके और लफंगों की जमात उन्हे आगे नहीं बढ़ने दे रही।

honesty project democracy said...

बहुत ही न्यारी प्रस्तुती ,यहाँ पर कुमार जलजला के विचारों से भी पूर्ण सहमती है /

सूर्यकान्त गुप्ता said...

हम भी यही कहने वाले थे कि बिहार की ट्रेन है शायद्। बेचारा चलाने वाला कैसे चला रहा होगा।

मनोज कुमार said...

उदय जी यह सच है
कड़वा है
कड़वा सच है।

मनोज कुमार said...
This comment has been removed by the author.
Amitraghat said...

बढ़िया चित्र है..एकदम मस्त-मोला "

मनोज कुमार said...

@ बिहार की ट्रेन है शायद.
--- बिहार में समुचित ट्रेन/परिवहन की व्यवस्था नहीं है (शायद) ... यक़ीनन!

माधव said...

यही हमारी नियती है , निराश करने वाली तस्वीर

कड़वा सच है।

निशांत मिश्र - Nishant Mishra said...

"--- बिहार में समुचित ट्रेन/परिवहन की व्यवस्था नहीं है (शायद) ... यक़ीनन!"

चार-पांच रेल मंत्री देने के बाद भी!?

राज भाटिय़ा said...

अरे कोई इन लटकने बालो की हिम्मत की भी तारीफ़ करे ना, ऎसे यात्रा करना असान नही जनाब, मै तो देख कर ही चक्कर खाने लगा

देवेश प्रताप said...

जनसँख्या बढती रही तो यही हाल रहेगा ......इस देश का

'उदय' said...

...अरे भाई बिहार वा से फ़ोन आया था ... कोई कह रहा था ...ई हमार ट्रेन-वा है हम अईसे ही चलाईवा .... !!!!

राजकुमार ग्वालानी said...

तस्वीर हमेशा बोलती है
राज भी बहुत सारे खोलती हैं

Mithilesh dubey said...

सच्चाई है ।

arvind said...

ek chitra--hajaaro shabd se badhakar, acchi prastuti.badhaai.

रंजना said...

सटीक.....
बिन कुछ कहे भी कितना कुछ कह दिया आपने.....वाह !!!

Kaushal Mishra said...

Ise kahate hai YAMARAAJ ke bhaise ko ungalee karanaa.