Saturday, May 16, 2009

शेर - 39

दुश्मनी का अब, वक्त नही है
अमन के रास्ते मे, काँटे बहुत हैं।

5 comments:

रश्मि प्रभा... said...

bahut khoob

अल्पना वर्मा said...

bilkul sahi kahtey hain aap...

विनय said...

अच्छा विचार है

Harkirat Haqeer said...

दुश्मनी का अब, वक्त नही है
अमन के रास्ते मे, काँटे बहुत हैं।

लाजवाब....!!

संजय भास्कर said...

bahut khoob sir ji........