Friday, January 9, 2009

शेर 6

‘उदय’ तेरी नजर को, नजर से बचाए,
जब-भी उठे नजर, तो मेरी नजर से आ मिले।
(नजर = आँखें , नजर = बुरी नजर/बुराई)

2 comments:

Unknown said...

सुन्दर!

आपका वेबसाइट "नेताजी" पसंद आया।

Dev said...

Vah bahut sundar sher...
Regards